भारत में संरक्षित क्षेत्र नेटवर्क का विस्तार
2026-05-24पृष्ठभूमि: भारत लुप्तप्राय प्रजातियों और आवासों की सुरक्षा के लिए अपने संरक्षित क्षेत्र नेटवर्क का लगातार विस्तार कर रहा है। वर्तमान संदर्भ: मई 2026 तक, पर्यावरण मंत्रालय ने पारिस्थितिक कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए पश्चिमी घाट में तीन नए वन्यजीव अभयारण्यों को अधिसूचित किया है। इस कदम का उद्देश्य स्थानिक वनस्पतियों और जीवों को आवास विखंडन से बचाना है। प्रभाव: यह विस्तार जैव विविधता हॉटस्पॉट के संरक्षण को बढ़ावा देगा, जिससे नीलगिरी तहर और विभिन्न स्थानिक उभयचरों जैसी प्रजातियों के दीर्घकालिक अस्तित्व को सुनिश्चित किया जा सकेगा, साथ ही क्षेत्र में सतत इको-पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा।
बुनियादी ढांचे के लिए राष्ट्रीय जलवायु लचीलापन ढांचा
2026-05-24पृष्ठभूमि: चरम मौसम की घटनाओं की बढ़ती आवृत्ति ने राष्ट्रीय बुनियादी ढांचे को जलवायु-प्रूफ बनाने की आवश्यकता पैदा कर दी है। वर्तमान संदर्भ: सरकार ने मई 2026 में राजमार्गों और शहरी जल निकासी प्रणालियों सहित सभी प्रमुख बुनियादी ढांचा परियोजनाओं में जलवायु लचीलापन को एकीकृत करने के लिए एक नया ढांचा शुरू किया है। यह नीति सभी नए सार्वजनिक कार्यों के लिए जलवायु जोखिम मूल्यांकन को अनिवार्य बनाती है। प्रभाव: यह पहल जलवायु-जनित आपदाओं के कारण होने वाले आर्थिक नुकसान को कम करेगी, सार्वजनिक संपत्तियों की स्थायित्व में सुधार करेगी और यह सुनिश्चित करेगी कि भारत का बुनियादी ढांचा विकास जलवायु पैटर्न के सामने टिकाऊ बना रहे।