नई जैव विविधता विरासत स्थल अधिसूचना
2026-05-21पृष्ठभूमि: जैविक विविधता अधिनियम, 2002 राज्य सरकारों को जैव विविधता महत्व के क्षेत्रों को जैव विविधता विरासत स्थल (BHS) के रूप में अधिसूचित करने का अधिकार देता है। वर्तमान संदर्भ: मई 2026 में, सरकार ने दुर्लभ स्थानिक वनस्पतियों और जीवों की रक्षा के लिए एक नए क्षेत्र को BHS के रूप में नामित किया है। इसका उद्देश्य अद्वितीय पारिस्थितिक तंत्र को औद्योगिक अतिक्रमण से बचाना है। प्रभाव: यह अधिसूचना समुदाय-नेतृत्व वाले संरक्षण प्रयासों को सुनिश्चित करती है, जिससे स्थानीय निकायों को प्राकृतिक संसाधनों का स्थायी प्रबंधन करने का अधिकार मिलता है। यह 2030 तक 30% भूमि की रक्षा के लिए कुनमिंग-मॉन्ट्रियल वैश्विक जैव विविधता ढांचे के तहत भारत की प्रतिबद्धताओं को पूरा करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
आर्द्रभूमि बहाली के लिए राष्ट्रीय रणनीति
2026-05-21पृष्ठभूमि: आर्द्रभूमि जल शोधन और बाढ़ शमन के लिए महत्वपूर्ण हैं, फिर भी वे शहरीकरण के कारण गंभीर गिरावट का सामना कर रहे हैं। वर्तमान संदर्भ: पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय ने मई 2026 में राष्ट्रीय आर्द्रभूमि बहाली कार्यक्रम का एक नया चरण शुरू किया है। यह चरण प्रकृति-आधारित समाधानों के माध्यम से शहरी आर्द्रभूमि के कायाकल्प पर केंद्रित है। प्रभाव: इन पारिस्थितिक बफ़र्स को बहाल करके, यह पहल शहरी जलवायु लचीलापन और भूजल पुनर्भरण को बढ़ाने का लक्ष्य रखती है। यह वैज्ञानिक निगरानी को स्थानीय सामुदायिक भागीदारी के साथ एकीकृत करती है, जिससे बढ़ते वैश्विक तापमान के बीच इन महत्वपूर्ण आवासों का दीर्घकालिक स्वास्थ्य सुनिश्चित होता है।