भारत ने जैव विविधता कनेक्टिविटी के लिए 'ग्रीन कॉरिडोर पहल' शुरू की
2026-05-15पृष्ठभूमि: भारत, एक महा-विविध देश होने के नाते, आवास विखंडन के कारण अपनी समृद्ध जैव विविधता की रक्षा में महत्वपूर्ण चुनौतियों का सामना करता है। पिछले प्रयास अक्सर अलग-थलग संरक्षित क्षेत्रों पर केंद्रित थे। वर्तमान संदर्भ: 15 मई, 2026 को पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय ने 'ग्रीन कॉरिडोर पहल' का शुभारंभ किया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य मौजूदा राष्ट्रीय उद्यानों और वन्यजीव अभयारण्यों को जोड़ने वाले पारिस्थितिक गलियारे स्थापित करना है, जिससे वन्यजीवों के लिए सुरक्षित मार्ग और आनुवंशिक आदान-प्रदान को बढ़ावा मिलेगा। प्रभाव: इस पहल से बाघों, हाथियों और गैंडों जैसी लुप्तप्राय प्रजातियों के संरक्षण प्रयासों को काफी बढ़ावा मिलने, मानव-वन्यजीव संघर्ष कम होने और जलवायु परिवर्तन के प्रभावों के खिलाफ पारिस्थितिकी तंत्र के लचीलेपन को मजबूत करने की उम्मीद है, जिससे संरक्षण के लिए एक समग्र दृष्टिकोण को बढ़ावा मिलेगा।
सरकार ने 'सतत शहरी जल प्रबंधन नीति 2026' का अनावरण किया
2026-05-15पृष्ठभूमि: तेजी से शहरीकरण और जलवायु परिवर्तन ने भारतीय शहरों में जल संकट को बढ़ा दिया है, जिससे मौजूदा जल संसाधनों और बुनियादी ढांचे पर दबाव बढ़ गया है। एक व्यापक, दीर्घकालिक समाधान की आवश्यकता महत्वपूर्ण रही है। वर्तमान संदर्भ: जल शक्ति मंत्रालय ने 14 मई, 2026 को 'सतत शहरी जल प्रबंधन नीति 2026' पेश की। यह नीति एकीकृत जल संसाधन प्रबंधन पर जोर देती है, जिसमें पुन: उपयोग के लिए उन्नत अपशिष्ट जल उपचार, वर्षा जल संचयन और एक्वीफर रिचार्ज को बढ़ावा दिया जाता है। यह नई इमारतों में जल-कुशल फिक्स्चर को भी अनिवार्य करती है। प्रभाव: नीति का उद्देश्य शहरी आबादी के लिए जल सुरक्षा सुनिश्चित करना, बाहरी जल स्रोतों पर निर्भरता कम करना और सूखे व बाढ़ के प्रभावों को कम करना है। यह स्वच्छ पानी तक पहुंच सुनिश्चित करके सतत शहरी विकास को बढ़ावा देगा और सार्वजनिक स्वास्थ्य में सुधार करेगा।