आरबीआई ने सितंबर 2026 की नीति समीक्षा में रेपो दर को 6.5% पर स्थिर रखा
2026-09-04पृष्ठभूमि: भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) मुद्रास्फीति और आर्थिक विकास के बीच संतुलन बनाने के लिए समय-समय पर अपनी मौद्रिक नीति की समीक्षा करता है। वर्तमान संदर्भ: 4 सितंबर, 2026 को संपन्न मौद्रिक नीति समिति (MPC) की बैठक में, आरबीआई ने रेपो दर को 6.5% पर अपरिवर्तित रखने का निर्णय लिया। यह निर्णय मुद्रास्फीति की उम्मीदों को स्थिर करने के साथ-साथ घरेलू मांग का समर्थन करने के उद्देश्य से लिया गया है। प्रभाव: यह स्थिरता बैंकिंग क्षेत्र और उधारकर्ताओं के लिए पूर्वानुमान प्रदान करती है, जिससे ऋणों पर ब्याज दरें स्थिर रहती हैं, जो दीर्घकालिक निवेश को बढ़ावा देती हैं।
भारत का विनिर्माण क्षेत्र 2026 की दूसरी तिमाही में मजबूत विकास दर्ज कर रहा है
2026-09-04पृष्ठभूमि: विनिर्माण क्षेत्र भारत की 'मेक इन इंडिया' पहल का एक प्रमुख स्तंभ है, जो जीडीपी में महत्वपूर्ण योगदान देता है। वर्तमान संदर्भ: 2026 की दूसरी तिमाही (जुलाई-सितंबर) के लिए जारी आंकड़े विनिर्माण उत्पादन में मजबूत विस्तार का संकेत देते हैं, जो घरेलू मांग में वृद्धि और बेहतर आपूर्ति श्रृंखला दक्षता से प्रेरित है। यह क्षेत्र वैश्विक आर्थिक चुनौतियों के बावजूद लचीला बना हुआ है। प्रभाव: इस विकास से रोजगार के अवसर बढ़ने और अधिक प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) आकर्षित होने की उम्मीद है। यह भारत को एक वैश्विक विनिर्माण केंद्र के रूप में मजबूत करता है।