आरबीआई ने तरलता प्रबंधन पर सतर्क रुख बनाए रखा
2026-08-30पृष्ठभूमि: भारतीय रिज़र्व बैंक (आरबीआई) मुद्रास्फीति और विकास के बीच संतुलन बनाने के लिए तरलता का प्रबंधन करता है। वर्तमान संदर्भ: अगस्त 2026 तक, आरबीआई ने खाद्य और ऊर्जा क्षेत्रों में लगातार मुद्रास्फीति के दबाव को दूर करने के लिए तटस्थ तरलता रुख बनाए रखने का निर्णय लिया है। केंद्रीय बैंक वैश्विक बाजार की अस्थिरता और घरेलू ऋण मांग पर बारीकी से नजर रख रहा है। प्रभाव: इस निर्णय का उद्देश्य रुपये को स्थिर करना और यह सुनिश्चित करना है कि मुद्रास्फीति 4% (+/- 2%) के लक्ष्य बैंड के भीतर रहे, जिससे व्यवसायों और निवेशकों के लिए एक स्थिर वातावरण मिले।
सरकार ने विनिर्माण क्षेत्र के लिए नए प्रोत्साहनों की घोषणा की
2026-08-30पृष्ठभूमि: 'मेक इन इंडिया' पहल का उद्देश्य देश को एक वैश्विक विनिर्माण केंद्र में बदलना है। वर्तमान संदर्भ: 29 अगस्त 2026 को, वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय ने इलेक्ट्रॉनिक्स और हरित ऊर्जा क्षेत्रों में लघु और मध्यम उद्यमों (एसएमई) को लक्षित करते हुए उत्पादन-लिंक्ड प्रोत्साहन (पीएलआई) की एक नई श्रृंखला शुरू की। ये प्रोत्साहन परिचालन लागत को कम करने और कच्चे माल की स्थानीय खरीद को प्रोत्साहित करने के लिए डिज़ाइन किए गए हैं। प्रभाव: इस नीति से निर्यात-आधारित विकास को बढ़ावा मिलने, रोजगार के अवसर पैदा होने और आयातित घटकों पर निर्भरता कम होने की उम्मीद है।