आरबीआई ने लगातार सातवीं समीक्षा में रेपो दर 6.50% पर बरकरार रखी
2026-08-17पृष्ठभूमि: भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) आर्थिक विकास के साथ मुद्रास्फीति नियंत्रण को संतुलित करने के लिए सक्रिय रूप से मौद्रिक नीति का प्रबंधन कर रहा है। मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) प्रमुख ब्याज दरों पर निर्णय लेने के लिए समय-समय पर मिलती है।
वर्तमान संदर्भ: 17 अगस्त, 2026 को, आरबीआई की एमपीसी ने अपनी नवीनतम बैठक संपन्न की, जिसमें लगातार सातवीं बार नीतिगत रेपो दर को 6.50% पर अपरिवर्तित रखने का निर्णय लिया गया। यह निर्णय समिति के सदस्यों के बीच सर्वसम्मति से लिया गया।
प्रभाव: इस स्थिर रेपो दर से उधार लेने की लागत का अनुमानित बने रहना सुनिश्चित करके आर्थिक गतिविधियों के लिए एक अनुकूल वातावरण जारी रहने की उम्मीद है। यह भारतीय अर्थव्यवस्था में चल रही विकास की गति का समर्थन करते हुए मुद्रास्फीति के प्रबंधन में आरबीआई के विश्वास को दर्शाता है।