आरबीआई ने लगातार सातवीं बार रेपो दर को 6.50% पर बरकरार रखा
2026-08-07पृष्ठभूमि: भारतीय रिज़र्व बैंक (आरबीआई) मुद्रास्फीति को प्रबंधित करने और आर्थिक विकास का समर्थन करने के लिए समय-समय पर अपनी मौद्रिक नीति की समीक्षा करता है। मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) प्रमुख ब्याज दरों को निर्धारित करने के लिए जिम्मेदार है।
वर्तमान संदर्भ: 7 अगस्त, 2026 को, आरबीआई की एमपीसी ने अपनी बैठक समाप्त की और नीतिगत रेपो दर को 6.50% पर अपरिवर्तित रखने के अपने निर्णय की घोषणा की। यह लगातार सातवीं बैठक है जहाँ दर स्थिर रखी गई है।
प्रभाव: इस निर्णय से ऋण देने और उधार लेने की लागत में स्थिरता बनाए रखने की उम्मीद है, जिससे व्यवसायों और उपभोक्ताओं के लिए एक अनुमानित वातावरण मिलेगा। यह आर्थिक विस्तार के प्रति समर्थन बनाए रखते हुए मुद्रास्फीति की अपेक्षाओं को स्थिर करने पर आरबीआई के निरंतर ध्यान को दर्शाता है।