RBI ने लगातार सातवीं बार रेपो दर को 6.5% पर बरकरार रखा
2026-08-04पृष्ठभूमि: भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) का लक्ष्य विकास के उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए मूल्य स्थिरता बनाए रखना है। मौद्रिक नीति समिति (MPC) मुद्रास्फीति को प्रबंधित करने के लिए रेपो दर की समीक्षा करती है, जिस दर पर RBI वाणिज्यिक बैंकों को उधार देता है।
वर्तमान संदर्भ: 4 अगस्त 2026 को, RBI की MPC ने अपनी द्वैमासिक बैठक संपन्न की और लगातार सातवीं बार नीतिगत रेपो दर को 6.5% पर अपरिवर्तित रखने का निर्णय लिया। यह निर्णय लगातार बनी हुई मुद्रास्फीति और 4% के लक्ष्य के अनुरूप मुद्रास्फीति सुनिश्चित करने की आवश्यकता के बारे में चिंताओं से प्रेरित था।
प्रभाव: इस निर्णय से व्यक्तियों और व्यवसायों के लिए वर्तमान उधार लागत बनाए रखने और आर्थिक गतिविधियों का समर्थन करने की उम्मीद है। हालांकि, यह मुद्रास्फीति के दबावों के खिलाफ RBI की निरंतर सतर्कता का संकेत देता है, जो भविष्य के निवेश और उपभोग पैटर्न को प्रभावित कर सकता है।