मुद्रास्फीति के दबाव के बीच आरबीआई ने रेपो दर स्थिर रखी
2026-07-23पृष्ठभूमि: भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) तरलता और मुद्रास्फीति को प्रबंधित करने के लिए समय-समय पर रेपो दर की समीक्षा करता है। वर्तमान संदर्भ: 23 जुलाई 2026 तक, मौद्रिक नीति समिति (MPC) ने विकास और मूल्य स्थिरता को संतुलित करने के लिए रेपो दर को वर्तमान स्तर पर बनाए रखने का निर्णय लिया है। यह निर्णय खाद्य मुद्रास्फीति और वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला बाधाओं के जवाब में लिया गया है। प्रभाव: इस कदम का उद्देश्य मुद्रास्फीति की उम्मीदों को स्थिर करना है, साथ ही यह सुनिश्चित करना है कि उत्पादक क्षेत्रों के लिए ऋण सुलभ रहे, जिससे भारत की आर्थिक सुधार को समर्थन मिले।
कॉर्पोरेट क्षेत्र ने दूसरी तिमाही 2026 में बुनियादी ढांचा निवेश बढ़ाया
2026-07-23पृष्ठभूमि: बुनियादी ढांचा विकास भारत की विकसित अर्थव्यवस्था की दृष्टि का एक प्रमुख स्तंभ है। वर्तमान संदर्भ: 23 जुलाई 2026 को जारी आंकड़ों से पता चलता है कि हरित ऊर्जा और रसद बुनियादी ढांचे की ओर निजी क्षेत्र के पूंजीगत व्यय में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। प्रमुख कॉर्पोरेट घरानों ने घरेलू विनिर्माण क्षमताओं को बढ़ाने के उद्देश्य से नई परियोजनाओं की घोषणा की है। प्रभाव: इस बढ़े हुए निवेश से रोजगार के पर्याप्त अवसर पैदा होने और देश भर में रसद लागत कम होने की उम्मीद है। यह कनेक्टिविटी में सुधार और औद्योगिक विकास को बढ़ावा देकर भारतीय अर्थव्यवस्था की दीर्घकालिक वृद्धि को मजबूत करता है।