भारत का विदेशी मुद्रा भंडार रिकॉर्ड स्तर पर
2026-07-06पृष्ठभूमि: भारत का विदेशी मुद्रा भंडार आरबीआई द्वारा प्रबंधित किया जाता है ताकि रुपये में स्थिरता सुनिश्चित की जा सके। वर्तमान संदर्भ: जुलाई 2026 तक, भारत का विदेशी मुद्रा भंडार 660 बिलियन डॉलर के सर्वकालिक उच्च स्तर पर पहुंच गया है, जिसका मुख्य कारण मजबूत विदेशी पोर्टफोलियो निवेश और स्थिर व्यापार संतुलन है। प्रभाव: यह रिकॉर्ड संचय वैश्विक आर्थिक अस्थिरता के खिलाफ एक महत्वपूर्ण सुरक्षा कवच प्रदान करता है, भारतीय बाजार में निवेशकों का विश्वास बढ़ाता है और प्रमुख वैश्विक मुद्राओं के मुकाबले रुपये की स्थिति को मजबूत करता है, जिससे अंतरराष्ट्रीय व्यापार सुगम होता है।
आरबीआई ने थोक निपटान के लिए डिजिटल रुपया का विस्तार किया
2026-07-06पृष्ठभूमि: आरबीआई ने भुगतान प्रणाली को आधुनिक बनाने और लेनदेन लागत को कम करने के लिए सेंट्रल बैंक डिजिटल करेंसी (CBDC) पायलट लॉन्च किया था। वर्तमान संदर्भ: जुलाई 2026 में, आरबीआई ने ई-रुपया (थोक) खंड के विस्तार की घोषणा की, जिसमें अधिक वित्तीय संस्थानों को डिजिटल लेजर सिस्टम में एकीकृत किया गया है। प्रभाव: इस विस्तार का उद्देश्य अंतर-बैंक निपटान की दक्षता में सुधार करना, भौतिक नकदी पर निर्भरता कम करना और वित्तीय लेनदेन की पारदर्शिता बढ़ाना है। थोक परिचालन को सुव्यवस्थित करके, आरबीआई प्रणालीगत जोखिमों को कम करने और डिजिटल वित्तीय बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की उम्मीद करता है।