आरबीआई ने जून 2026 की नीति समीक्षा में रेपो दर को 6.5% पर स्थिर रखा
2026-06-15पृष्ठभूमि: भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) तरलता और मुद्रास्फीति को नियंत्रित करने के लिए रेपो दर का उपयोग एक प्राथमिक उपकरण के रूप में करता है। वर्तमान संदर्भ: जून 2026 की मौद्रिक नीति समिति (MPC) की बैठक में, आरबीआई ने रेपो दर को 6.5% पर अपरिवर्तित रखने का निर्णय लिया। यह निर्णय आर्थिक विकास और मूल्य स्थिरता के बीच संतुलन बनाने के प्रति केंद्रीय बैंक के सतर्क दृष्टिकोण को दर्शाता है। प्रभाव: यह स्थिरता बैंकों और उधारकर्ताओं के लिए पूर्वानुमान प्रदान करती है, जिससे ऋण और जमा पर ब्याज दरें स्थिर रहती हैं, जो भारतीय अर्थव्यवस्था में निवेश को बढ़ावा देती है।
भारत में खुदरा मुद्रास्फीति के रुझान: जून 2026 अपडेट
2026-06-15पृष्ठभूमि: उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) द्वारा मापी गई खुदरा मुद्रास्फीति, आवश्यक वस्तुओं के मूल्य स्तर का एक प्रमुख संकेतक है। वर्तमान संदर्भ: जून 2026 के लिए जारी आंकड़ों से पता चलता है कि खुदरा मुद्रास्फीति में स्थिरता के संकेत मिले हैं, जो आरबीआई के 4% (+/- 2%) के दायरे में है। बेहतर आपूर्ति श्रृंखला प्रबंधन और अनुकूल मानसून स्थितियों ने इस रुझान में योगदान दिया है। प्रभाव: नियंत्रित मुद्रास्फीति उपभोक्ताओं की क्रय शक्ति को संरक्षित करने में मदद करती है और केंद्रीय बैंक को तटस्थ मौद्रिक नीति बनाए रखने की अनुमति देती है, जिससे व्यापार विस्तार के लिए एक स्थिर वातावरण बनता है।