आरबीआई ने मुद्रास्फीति की चिंताओं के बीच रेपो दर अपरिवर्तित रखी
2026-06-09पृष्ठभूमि: भारतीय रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) नियमित रूप से प्रमुख ब्याज दरों को निर्धारित करने के लिए आर्थिक स्थितियों का आकलन करती है, जिसका उद्देश्य विकास का समर्थन करते हुए मुद्रास्फीति को नियंत्रित करना है। वर्तमान संदर्भ: अपनी हालिया द्विमासिक समीक्षा में, एमपीसी ने सर्वसम्मति से बेंचमार्क रेपो दर को 6.5% पर अपरिवर्तित रखने का निर्णय लिया। यह निर्णय खाद्य कीमतों में कुछ नरमी के बावजूद लगातार बनी हुई मुख्य मुद्रास्फीति और वैश्विक अनिश्चितताओं के कारण लिया गया। आरबीआई ने 4% मुद्रास्फीति लक्ष्य प्राप्त करने की अपनी प्रतिबद्धता पर जोर दिया। प्रभाव: नीति में यह निरंतरता मूल्य स्थिरता को प्राथमिकता देते हुए एक सतर्क रुख का संकेत देती है। यह दर्शाता है कि व्यवसायों और उपभोक्ताओं के लिए उधार लेने की लागत अधिक बनी रहेगी, जिससे ऋण की मांग में कमी आ सकती है। हालांकि, इसका उद्देश्य मुद्रास्फीति की उम्मीदों को स्थिर करना और रुपये की स्थिरता को मजबूत करना भी है।
सरकार ने हरित हाइड्रोजन क्षेत्र के लिए नई पीएलआई योजना का अनावरण किया
2026-06-09पृष्ठभूमि: भारत ऊर्जा स्वतंत्रता प्राप्त करने और औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने के लिए उत्पादन-लिंक्ड प्रोत्साहन (पीएलआई) योजनाओं के माध्यम से नवीकरणीय ऊर्जा और घरेलू विनिर्माण को सक्रिय रूप से बढ़ावा दे रहा है। वर्तमान संदर्भ: नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय ने इलेक्ट्रोलाइजर के विनिर्माण और हरित हाइड्रोजन के उत्पादन को प्रोत्साहित करने के लिए 15,000 करोड़ रुपये की एक महत्वपूर्ण नई पीएलआई योजना शुरू की है। इस पहल का उद्देश्य भारत को हरित हाइड्रोजन अर्थव्यवस्था में एक वैश्विक नेता के रूप में स्थापित करना है। प्रभाव: इस योजना से हरित ऊर्जा क्षेत्र में पर्याप्त निजी निवेश आकर्षित होने, तकनीकी नवाचार को बढ़ावा मिलने और कई नई नौकरियां पैदा होने की उम्मीद है। यह भारत के कार्बन पदचिह्न को काफी कम करेगा, ऊर्जा सुरक्षा बढ़ाएगा और हरित हाइड्रोजन तथा संबंधित प्रौद्योगिकियों के निर्यात को बढ़ावा देगा।