RBI ने वित्त वर्ष 25 के लिए जीडीपी विकास अनुमान 7.2% पर बरकरार रखा
2026-06-03पृष्ठभूमि: भारतीय अर्थव्यवस्था ने लचीलापन दिखाया है, जिसमें हाल की तिमाहियों में जीडीपी वृद्धि उम्मीदों से अधिक रही है। भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) आर्थिक रुझानों का पूर्वानुमान लगाने और मौद्रिक नीति का मार्गदर्शन करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
वर्तमान संदर्भ: RBI की मौद्रिक नीति समिति (MPC) ने अपनी नवीनतम समीक्षा में, वित्त वर्ष 25 के लिए वास्तविक जीडीपी वृद्धि के अनुमान को 7.2% पर बनाए रखा है। यह आशावादी दृष्टिकोण मजबूत घरेलू मांग, विशेष रूप से सेवाओं और विनिर्माण में, और ग्रामीण खपत में अपेक्षित वृद्धि से प्रेरित है।
प्रभाव: यह अनुमान निरंतर आर्थिक विस्तार का सुझाव देता है, जो रोजगार सृजन, निवेश और समग्र बाजार भावना के लिए सकारात्मक है। यह व्यवसायों और नीति निर्माताओं के लिए एक स्थिर पृष्ठभूमि भी प्रदान करता है, हालांकि बाहरी जोखिम और वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताएं निगरानी के लिए महत्वपूर्ण कारक बने हुए हैं।
RBI ने वित्त वर्ष 25 के लिए मुद्रास्फीति में 4.5% तक नरमी का अनुमान लगाया
2026-06-03पृष्ठभूमि: मूल्य स्थिरता सुनिश्चित करने और सतत आर्थिक विकास का समर्थन करने के लिए मुद्रास्फीति प्रबंधन RBI का एक प्रमुख उद्देश्य है। उच्च मुद्रास्फीति क्रय शक्ति को कम कर सकती है और निवेश में बाधा डाल सकती है।
वर्तमान संदर्भ: RBI ने अनुमान लगाया है कि उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) द्वारा मापी गई खुदरा मुद्रास्फीति के वित्तीय वर्ष 2024-25 में 4.5% तक कम होने की संभावना है। इस अनुमान में खाद्य मूल्य दबावों में नरमी, अच्छे मानसून के पूर्वानुमानों का प्रभाव और सरकार द्वारा आपूर्ति-पक्ष के हस्तक्षेपों की प्रभावशीलता शामिल है।
प्रभाव: कम मुद्रास्फीति दर उपभोक्ताओं के लिए फायदेमंद है क्योंकि यह उनकी वास्तविक आय और क्रय शक्ति को बढ़ाती है। यह RBI को अपनी मौद्रिक नीति निर्णयों में अधिक लचीलापन भी प्रदान करता है, जिससे आवश्यकता पड़ने पर अधिक अनुकूल रुख अपनाने की संभावना बनती है, जिससे मुद्रास्फीति के दबाव को बढ़ाए बिना आर्थिक गतिविधि का समर्थन होता है।