आरबीआई ने तरलता प्रबंधन पर सतर्क रुख बरकरार रखा
2026-05-21पृष्ठभूमि: भारतीय रिज़र्व बैंक (आरबीआई) विकास और मुद्रास्फीति के बीच संतुलन बनाने के लिए प्रणालीगत तरलता का प्रबंधन करता है। वर्तमान संदर्भ: मई 2026 तक, आरबीआई ने खाद्य और ऊर्जा क्षेत्रों में लगातार मुद्रास्फीति के दबाव को दूर करने के लिए तटस्थ तरलता रुख बनाए रखने का निर्णय लिया है। केंद्रीय बैंक वैश्विक बाजार की अस्थिरता और घरेलू ऋण मांग पर बारीकी से नजर रख रहा है। प्रभाव: इस निर्णय का उद्देश्य ब्याज दरों को स्थिर करना है, जिससे व्यवसायों और व्यक्तियों के लिए ऋण लेने की लागत अनुमानित बनी रहे, जिससे दीर्घकालिक आर्थिक स्थिरता को समर्थन मिले।
कॉर्पोरेट ग्रीन बॉन्ड जारी करने में उछाल
2026-05-21पृष्ठभूमि: ग्रीन बॉन्ड निश्चित आय वाले उपकरण हैं जिन्हें विशेष रूप से जलवायु और पर्यावरण परियोजनाओं का समर्थन करने के लिए डिज़ाइन किया गया है। वर्तमान संदर्भ: मई 2026 में, भारतीय निगमों ने नवीकरणीय ऊर्जा और टिकाऊ बुनियादी ढांचा परियोजनाओं को निधि देने के लिए ग्रीन बॉन्ड जारी करने में काफी वृद्धि की है। यह बदलाव ईएसजी-अनुपालन वाली संपत्तियों के लिए वैश्विक निवेशक मांग और भारत में अनुकूल नियामक ढांचे द्वारा संचालित है। प्रभाव: हरित परियोजनाओं में पूंजी का बढ़ता प्रवाह भारत के नेट-जीरो अर्थव्यवस्था की ओर संक्रमण में तेजी लाएगा, जीवाश्म ईंधन पर निर्भरता कम करेगा और स्वच्छ ऊर्जा क्षेत्र में रोजगार के अवसर पैदा करेगा।