आरबीआई ने मुद्रास्फीति के दबाव में कमी के बीच रेपो दर अपरिवर्तित रखी
2026-05-14पृष्ठभूमि: भारतीय रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) प्रमुख ब्याज दरों को निर्धारित करने के लिए आर्थिक संकेतकों की नियमित समीक्षा करती है। इसका प्राथमिक उद्देश्य विकास का समर्थन करते हुए मूल्य स्थिरता बनाए रखना है। वर्तमान संदर्भ: 14 मई, 2026 को समाप्त हुई अपनी नवीनतम द्विमासिक बैठक में, एमपीसी ने रेपो दर को 6.5% पर अपरिवर्तित रखने का निर्णय लिया। यह निर्णय खुदरा मुद्रास्फीति में कमी के संकेतों के बीच आया है, जो केंद्रीय बैंक के लक्ष्य सीमा के अनुरूप है, हालांकि वैश्विक अनिश्चितताएं बनी हुई हैं। प्रभाव: स्थिर रेपो दर का उद्देश्य आर्थिक विकास और निवेश के लिए निरंतरता प्रदान करना है, जिससे व्यवसायों और उधारकर्ताओं के लिए पूर्वानुमेयता बनी रहे। यह मुद्रास्फीति प्रक्षेपवक्र के संबंध में आरबीआई के सतर्क आशावाद और संतुलित मौद्रिक नीति दृष्टिकोण के प्रति उसकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
सरकार ने 'मेक फॉर ग्लोबल' निर्यात प्रोत्साहन योजना शुरू की
2026-05-14पृष्ठभूमि: भारत लगातार अपनी निर्यात प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ाने और वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं में और अधिक एकीकृत होने की दिशा में काम कर रहा है। घरेलू निर्माताओं का समर्थन करने और अंतर्राष्ट्रीय व्यापार को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न योजनाएं शुरू की गई हैं। वर्तमान संदर्भ: 12 मई, 2026 को, वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय ने 'मेक फॉर ग्लोबल' योजना का अनावरण किया, जो इलेक्ट्रॉनिक्स, वस्त्र और फार्मास्यूटिकल्स जैसे प्रमुख निर्यात-उन्मुख क्षेत्रों के लिए लक्षित प्रोत्साहन और बुनियादी ढांचा सहायता प्रदान करने के लिए डिज़ाइन की गई एक नई पहल है। इस योजना का उद्देश्य नियामक प्रक्रियाओं को सुव्यवस्थित करना और प्रौद्योगिकी उन्नयन के लिए वित्तीय सहायता प्रदान करना है। प्रभाव: इस पहल से भारत के व्यापारिक निर्यात में उल्लेखनीय वृद्धि होने, नए रोजगार के अवसर पैदा होने और विनिर्माण में विदेशी निवेश आकर्षित होने की उम्मीद है। यह एक विश्वसनीय वैश्विक आपूर्तिकर्ता के रूप में भारत की स्थिति को मजबूत करेगा और महत्वाकांक्षी निर्यात लक्ष्यों को प्राप्त करने में योगदान देगा।