आरबीआई ने तरलता प्रबंधन ढांचे को मजबूत किया
2026-05-10पृष्ठभूमि: भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) वित्तीय स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए समय-समय पर अपने तरलता प्रबंधन उपकरणों की समीक्षा करता है। वर्तमान संदर्भ: मई 2026 तक, आरबीआई ने मुद्रा बाजार में अल्पकालिक अस्थिरता को प्रबंधित करने के लिए तरलता समायोजन सुविधा (LAF) के लिए परिष्कृत परिचालन दिशानिर्देश पेश किए हैं। इसका उद्देश्य अंतर-बैंक दरों को रेपो दर के साथ अधिक निकटता से संरेखित करना है। प्रभाव: ये उपाय प्रणालीगत तरलता पर बेहतर नियंत्रण प्रदान करेंगे, जिससे यह सुनिश्चित होगा कि बैंक अर्थव्यवस्था के उत्पादक क्षेत्रों में ऋण प्रवाह का समर्थन करते हुए पर्याप्त नकद भंडार बनाए रखें।
कॉर्पोरेट क्षेत्र ने हरित ऊर्जा बुनियादी ढांचे को बढ़ावा दिया
2026-05-10पृष्ठभूमि: भारत ने 2070 तक महत्वाकांक्षी नेट-जीरो उत्सर्जन लक्ष्यों के लिए प्रतिबद्धता जताई है, जिसके लिए निजी क्षेत्र की भारी भागीदारी आवश्यक है। वर्तमान संदर्भ: मई 2026 में, प्रमुख भारतीय समूहों ने हरित हाइड्रोजन और सौर विनिर्माण संयंत्रों में ₹50,000 करोड़ से अधिक के संयुक्त निवेश की घोषणा की। ये परियोजनाएं नवीकरणीय ऊर्जा गलियारों का लाभ उठाने के लिए रणनीतिक रूप से स्थित हैं। प्रभाव: यह भारी पूंजी निवेश भारत के स्थायी ऊर्जा संक्रमण में तेजी लाएगा, जीवाश्म ईंधन आयात पर निर्भरता कम करेगा और विनिर्माण क्षेत्र में हजारों नौकरियां पैदा करेगा, जो देश के दीर्घकालिक जीडीपी विकास में महत्वपूर्ण योगदान देगा।