मुद्रास्फीति के दबाव के बीच आरबीआई ने रेपो दर स्थिर रखी
2026-05-09पृष्ठभूमि: भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) मुद्रास्फीति और तरलता को प्रबंधित करने के लिए रेपो दर का उपयोग एक प्राथमिक उपकरण के रूप में करता है। वर्तमान संदर्भ: मई 2026 तक, मौद्रिक नीति समिति (MPC) ने विकास और मूल्य स्थिरता को संतुलित करने के लिए रेपो दर को 6.5% पर अपरिवर्तित रखने का निर्णय लिया है। यह निर्णय वैश्विक कमोडिटी कीमतों में उतार-चढ़ाव के बीच आया है। प्रभाव: इस कदम का उद्देश्य उपभोक्ताओं और व्यवसायों के लिए उधार लेने की लागत को स्थिर रखना है, जिससे यह सुनिश्चित हो सके कि अर्थव्यवस्था स्थिर विकास पथ पर बनी रहे।
कॉर्पोरेट क्षेत्र ने चौथी तिमाही की आय में लचीलापन दिखाया
2026-05-09पृष्ठभूमि: त्रैमासिक आय रिपोर्ट भारतीय कॉर्पोरेट क्षेत्र के स्वास्थ्य के महत्वपूर्ण संकेतक हैं। वर्तमान संदर्भ: वित्त वर्ष की अंतिम तिमाही के लिए मई 2026 में जारी आंकड़ों से पता चलता है कि प्रमुख भारतीय कंपनियों ने वैश्विक चुनौतियों के बावजूद मजबूत लाभ मार्जिन दर्ज किया है। यह प्रदर्शन बेहतर परिचालन दक्षता और मजबूत घरेलू मांग को दर्शाता है। प्रभाव: सकारात्मक आय रुझान से भारतीय शेयर बाजार में निवेशकों का विश्वास बढ़ने की उम्मीद है और यह आगामी वित्त वर्ष के लिए पूंजीगत व्यय योजनाओं का समर्थन करेगा, जिससे दीर्घकालिक आर्थिक विस्तार को बढ़ावा मिलेगा।