आरबीआई ने नई तरलता प्रबंधन रूपरेखा की घोषणा की
2026-04-27पृष्ठभूमि: भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) मूल्य स्थिरता और वित्तीय विकास सुनिश्चित करने के लिए समय-समय पर अपने तरलता प्रबंधन उपकरणों की समीक्षा करता है। वर्तमान संदर्भ: 26 अप्रैल, 2026 को, आरबीआई ने अंतर-बैंक बाजार में अल्पकालिक अस्थिरता को दूर करने के लिए तरलता समायोजन सुविधा (LAF) के लिए एक संशोधित ढांचा पेश किया। यह कदम वाणिज्यिक बैंकों को अपने दैनिक नकद भंडार के प्रबंधन में अधिक लचीलापन प्रदान करने के उद्देश्य से उठाया गया है। प्रभाव: इस नीति से रातोंरात ब्याज दर में उतार-चढ़ाव कम होने की उम्मीद है, जिससे अर्थव्यवस्था के उत्पादक क्षेत्रों में ऋण प्रवाह सुचारू होगा।
कॉर्पोरेट क्षेत्र ने हरित ऊर्जा बुनियादी ढांचे में निवेश बढ़ाया
2026-04-27पृष्ठभूमि: भारत ने महत्वाकांक्षी नेट-जीरो लक्ष्यों के लिए प्रतिबद्धता जताई है, जिसके लिए नवीकरणीय ऊर्जा में निजी क्षेत्र की भारी भागीदारी आवश्यक है। वर्तमान संदर्भ: अप्रैल 2026 के अंत तक, प्रमुख भारतीय समूहों ने ग्रीन हाइड्रोजन और सौर विनिर्माण केंद्रों में 15 बिलियन डॉलर के रिकॉर्ड निवेश की घोषणा की है। यह उछाल टिकाऊ औद्योगिक प्रथाओं के लिए सरकार द्वारा हाल ही में दिए गए प्रोत्साहनों के बाद आया है। प्रभाव: यह भारी पूंजी निवेश जीवाश्म ईंधन आयात पर भारत की निर्भरता को काफी कम करेगा, हजारों हरित नौकरियां पैदा करेगा और भारत को नवीकरणीय ऊर्जा आपूर्ति श्रृंखला में वैश्विक नेता के रूप में स्थापित करेगा।