आरबीआई ने एनबीएफसी के लिए नई तरलता प्रबंधन रूपरेखा पेश की
2026-04-24पृष्ठभूमि: गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियां (एनबीएफसी) ऋण वितरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। आरबीआई प्रणालीगत जोखिमों को रोकने के लिए निगरानी सख्त कर रहा है। वर्तमान संदर्भ: 24 अप्रैल 2026 को, आरबीआई ने एक संशोधित तरलता प्रबंधन रूपरेखा जारी की, जिसमें बड़ी एनबीएफसी के लिए उच्च तरलता कवरेज अनुपात (LCR) अनिवार्य किया गया है। इसका उद्देश्य एनबीएफसी को बैंकिंग मानकों के अनुरूप बनाना है। प्रभाव: यह नीति बाजार के झटकों के खिलाफ शैडो बैंकिंग संस्थाओं के लचीलेपन को बढ़ाएगी। हालांकि इससे अनुपालन लागत बढ़ सकती है, लेकिन यह दीर्घकालिक वित्तीय स्थिरता सुनिश्चित करेगी।
भारत के विनिर्माण क्षेत्र ने 2026 की पहली तिमाही में मजबूत वृद्धि दर्ज की
2026-04-24पृष्ठभूमि: घरेलू विनिर्माण को बढ़ावा देने और आयात निर्भरता कम करने के लिए उत्पादन से जुड़ी प्रोत्साहन (PLI) योजना शुरू की गई थी। वर्तमान संदर्भ: 24 अप्रैल 2026 को जारी आंकड़ों से पता चलता है कि भारत के विनिर्माण क्षेत्र में 2026 की पहली तिमाही में 8.2% की वृद्धि हुई है। यह वृद्धि मुख्य रूप से इलेक्ट्रॉनिक्स और ऑटोमोटिव घटकों द्वारा संचालित है। प्रभाव: विनिर्माण उत्पादन में यह उछाल जीडीपी वृद्धि को बढ़ावा देगा और रोजगार के महत्वपूर्ण अवसर पैदा करेगा। यह भारत को एक वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला केंद्र के रूप में मजबूत करता है और औद्योगिक क्षेत्र में विदेशी निवेश को आकर्षित करता है।