आरबीआई ने नया तरलता प्रबंधन ढांचा पेश किया
2026-04-23पृष्ठभूमि: भारतीय रिज़र्व बैंक (आरबीआई) वित्तीय स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए समय-समय पर अपने तरलता प्रबंधन उपकरणों की समीक्षा करता है। वर्तमान संदर्भ: अप्रैल 2026 तक, आरबीआई ने मौद्रिक नीति के अधिक कुशल संचरण पर ध्यान केंद्रित करते हुए प्रणालीगत तरलता का प्रबंधन करने के लिए एक संशोधित ढांचा पेश किया है। इसमें स्टैंडिंग डिपॉजिट फैसिलिटी (एसडीएफ) और मार्जिनल स्टैंडिंग फैसिलिटी (एमएसएफ) संचालन के लिए अद्यतन मानदंड शामिल हैं। प्रभाव: इस कदम का उद्देश्य अंतर-बैंक कॉल मनी दरों में अत्यधिक अस्थिरता को रोकना और यह सुनिश्चित करना है कि बैंक इष्टतम तरलता स्तर बनाए रखें, जिससे अर्थव्यवस्था के उत्पादक क्षेत्रों में ऋण प्रवाह को समर्थन मिले।
वैश्विक एजेंसियों ने भारत के जीडीपी विकास अनुमानों को संशोधित किया
2026-04-23पृष्ठभूमि: अंतरराष्ट्रीय वित्तीय संस्थान नियमित रूप से घरेलू खपत और निर्यात डेटा के आधार पर भारत के आर्थिक प्रदर्शन का आकलन करते हैं। वर्तमान संदर्भ: अप्रैल 2026 के अंत में, प्रमुख वैश्विक एजेंसियों ने वित्त वर्ष 2027 के लिए भारत के जीडीपी विकास अनुमान को ऊपर की ओर संशोधित किया है। यह संशोधन मजबूत विनिर्माण उत्पादन और सरकार द्वारा बुनियादी ढांचे पर खर्च में वृद्धि के कारण किया गया है। प्रभाव: इस सकारात्मक दृष्टिकोण से भारतीय बाजारों में निवेशकों का विश्वास बढ़ने की उम्मीद है, जिससे आने वाली तिमाहियों में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) का प्रवाह बढ़ सकता है और प्रमुख वैश्विक मुद्राओं के मुकाबले रुपया मजबूत हो सकता है।