आरबीआई ने तरलता प्रबंधन ढांचे की समीक्षा की
2026-04-18पृष्ठभूमि: भारतीय रिज़र्व बैंक (आरबीआई) मूल्य स्थिरता बनाए रखने और आर्थिक विकास का समर्थन करने के लिए समय-समय पर अपने तरलता प्रबंधन ढांचे को समायोजित करता है। वर्तमान संदर्भ: अप्रैल 2026 तक, आरबीआई ने ऋण वृद्धि के कारण बैंकिंग प्रणाली में अतिरिक्त नकदी को संबोधित करने के लिए तरलता अवशोषण उपकरणों की समीक्षा शुरू की है। प्रभाव: इस कदम से अल्पकालिक ब्याज दरों के स्थिर होने की उम्मीद है और यह सुनिश्चित होगा कि बैंकिंग क्षेत्र वैश्विक बाजार की अस्थिरता के खिलाफ लचीला बना रहे, जिससे भारतीय अर्थव्यवस्था में मुद्रास्फीति के दबाव को नियंत्रित करने में मदद मिलेगी।
सरकार ने हरित ऊर्जा के लिए नए एफडीआई मानदंडों का प्रस्ताव रखा
2026-04-18पृष्ठभूमि: भारत ने अपने नेट-जीरो लक्ष्यों को पूरा करने के लिए नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता के लिए महत्वाकांक्षी लक्ष्य निर्धारित किए हैं। वर्तमान संदर्भ: वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय विशेष रूप से हरित हाइड्रोजन और सौर विनिर्माण क्षेत्रों के लिए नए प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) दिशानिर्देश तैयार कर रहा है। इन मानदंडों का उद्देश्य अंतरराष्ट्रीय निवेशकों के लिए अनुमोदन प्रक्रिया को सरल बनाना है। प्रभाव: प्रवेश बाधाओं को कम करके, सरकार को विदेशी पूंजी के महत्वपूर्ण प्रवाह की उम्मीद है, जो टिकाऊ ऊर्जा की ओर संक्रमण में तेजी लाएगा, घरेलू रोजगार पैदा करेगा और आयातित जीवाश्म ईंधन पर भारत की निर्भरता को कम करेगा।