आईएनएस तरमुगली को भारतीय नौसेना में शामिल किया गया
2026-08-19पृष्ठभूमि: भारतीय नौसेना अपनी परिचालन क्षमताओं को बढ़ाने और एक आधुनिक बेड़ा बनाए रखने के लिए लगातार नए प्लेटफार्मों को शामिल करती है। स्वदेशी निर्माण इस विस्तार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
वर्तमान संदर्भ: 18 अगस्त, 2026 को, भारतीय नौसेना ने आईएनएस तरमुगली, एक उन्नत वाटर जेट फास्ट अटैक क्राफ्ट को अपनी सेवा में शामिल किया। गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स (GRSE) द्वारा निर्मित, यह पोत तटीय गश्त, समुद्री डकैती विरोधी अभियानों और त्वरित प्रतिक्रिया मिशनों के लिए डिज़ाइन किया गया है।
प्रभाव: आईएनएस तरमुगली के प्रेरण से नौसेना के तटीय सुरक्षा ढांचे और हिंद महासागर क्षेत्र में समुद्री खतरों पर तेजी से प्रतिक्रिया करने की उसकी क्षमता को बढ़ावा मिलता है, जिससे भारत के समुद्री प्रभुत्व को मजबूती मिलती है।
डीआरडीओ ने उन्नत टॉरपीडो प्रतिवाद प्रणाली का सफलतापूर्वक परीक्षण किया
2026-08-19पृष्ठभूमि: नौसैनिक संपत्तियों को टॉरपीडो हमलों से बचाना समुद्री युद्ध का एक महत्वपूर्ण पहलू है। रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (डीआरडीओ) लगातार उन्नत रक्षा प्रौद्योगिकियों का विकास कर रहा है।
वर्तमान संदर्भ: 17 अगस्त, 2026 को, डीआरडीओ ने एक नई स्वदेशी टॉरपीडो प्रतिवाद प्रणाली के सफल परीक्षण की घोषणा की। यह उन्नत प्रणाली आने वाले टॉरपीडो खतरों का पता लगाने, उन्हें बहकाने और बेअसर करने के लिए डिज़ाइन की गई है, जिससे नौसैनिक प्लेटफार्मों की उत्तरजीविता में काफी वृद्धि होती है।
प्रभाव: इस सफल परीक्षण ने नौसैनिक रक्षा प्रौद्योगिकी में आत्मनिर्भरता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम चिह्नित किया है। इस प्रणाली की तैनाती से भारतीय नौसैनिक जहाजों को पानी के नीचे के खतरों के खिलाफ बढ़ी हुई सुरक्षा मिलेगी, जो एक मजबूत और अधिक सुरक्षित समुद्री रक्षा मुद्रा में योगदान देगा।