भारत-फ्रांस संयुक्त नौसैनिक अभ्यास 'वरुण' संपन्न, अंतरसंचालनीयता बढ़ी
2026-08-10पृष्ठभूमि: 'वरुण' अभ्यास भारत और फ्रांस के बीच एक महत्वपूर्ण द्विपक्षीय नौसैनिक अभ्यास है, जिसका उद्देश्य समुद्री सहयोग और अंतरसंचालनीयता को बढ़ाना है। यह दशकों से रणनीतिक साझेदारी का आधार रहा है। वर्तमान संदर्भ: अभ्यास वरुण का नवीनतम संस्करण 10 अगस्त, 2026 को अरब सागर में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। दोनों नौसेनाओं ने जटिल सामरिक युद्धाभ्यास, पनडुब्बी रोधी युद्ध अभ्यास और वायु रक्षा अभ्यास किए। प्रभाव: इस अभ्यास ने भारत और फ्रांस के बीच रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत किया, जिससे आपसी समझ और परिचालन क्षमताओं में सुधार हुआ। यह एक स्वतंत्र, खुले और समावेशी हिंद-प्रशांत के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को पुष्ट करता है, जो क्षेत्रीय समुद्री सुरक्षा में योगदान देता है।
डीआरडीओ ने उन्नत 'प्रलय-II' सामरिक बैलिस्टिक मिसाइल का सफलतापूर्वक परीक्षण किया
2026-08-10पृष्ठभूमि: 'प्रलय' मिसाइल श्रृंखला पारंपरिक सामरिक बैलिस्टिक मिसाइलों के विकास में भारत के स्वदेशी प्रयासों का प्रतिनिधित्व करती है। युद्धक्षेत्र समर्थन के लिए डिज़ाइन की गई, यह सटीक मारक क्षमता प्रदान करती है। वर्तमान संदर्भ: 9 अगस्त, 2026 को, रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (डीआरडीओ) ने ओडिशा तट से दूर डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम द्वीप से उन्नत 'प्रलय-II' सामरिक बैलिस्टिक मिसाइल का पहला उड़ान परीक्षण सफलतापूर्वक किया। परीक्षण ने सभी मिशन उद्देश्यों को पूरा किया। प्रभाव: यह सफल परीक्षण भारत की पारंपरिक प्रतिरोधक क्षमताओं को महत्वपूर्ण रूप से मजबूत करता है और रक्षा में 'आत्मनिर्भर भारत' पहल को सशक्त बनाता है। यह सशस्त्र बलों को भविष्य की परिचालन आवश्यकताओं के लिए एक शक्तिशाली, उच्च-सटीकता वाली हथियार प्रणाली प्रदान करता है।