भारतीय नौसेना ने पनडुब्बी रोधी युद्ध क्षमताओं को बढ़ाया
2026-07-20पृष्ठभूमि: भारतीय नौसेना लगातार पानी के नीचे के खतरों का मुकाबला करने के लिए अपने बेड़े को उन्नत कर रही है। इसमें उन्नत सोनार सिस्टम और टॉरपीडो का प्रेरण शामिल है। वर्तमान संदर्भ: पनडुब्बी रोधी युद्ध (ASW) क्षमताओं को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम में, भारतीय नौसेना जुलाई 2026 के अंत तक स्वदेशी हल्के टॉरपीडो, 'एडवांस्ड टॉरपीडो डिफेंस सिस्टम' (ATDS) का पहला बैच प्राप्त करने के लिए तैयार है। ये टॉरपीडो दुश्मन की पनडुब्बियों का पता लगाने, वर्गीकृत करने और उन्हें निष्क्रिय करने के लिए डिज़ाइन किए गए हैं। प्रभाव: इन स्वदेशी टॉरपीडो के प्रेरण से नौसेना की ASW क्षमता में काफी वृद्धि होगी, आयातित प्रणालियों पर निर्भरता कम होगी और हिंद महासागर क्षेत्र में पानी के नीचे के खतरों के खिलाफ भारत की समुद्री रक्षा मुद्रा मजबूत होगी।
डीआरडीओ ने नई पीढ़ी की सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइल का सफलतापूर्वक परीक्षण किया
2026-07-20पृष्ठभूमि: भारत का रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (डीआरडीओ) सशस्त्र बलों के लिए उन्नत मिसाइल प्रणालियों के विकास में सबसे आगे है। इसमें हवाई सुरक्षा के लिए सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइलों (SAMs) की एक श्रृंखला शामिल है। वर्तमान संदर्भ: डीआरडीओ ने 19 जुलाई 2026 को ओडिशा के चांदीपुर स्थित इंटीग्रेटेड टेस्ट रेंज से एक नई पीढ़ी की सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइल का सफल विकासात्मक परीक्षण किया। मिसाइल को मध्यम दूरी पर लड़ाकू विमानों, ड्रोन और क्रूज मिसाइलों सहित विभिन्न प्रकार के हवाई खतरों को रोकने के लिए डिज़ाइन किया गया है। प्रभाव: इस सफल परीक्षण ने भारत की हवाई रक्षा क्षमताओं में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर स्थापित किया है। नई SAM उन्नत हवाई खतरों के खिलाफ मजबूत सुरक्षा प्रदान करके नौसैनिक बेड़े और जमीनी बलों की उत्तरजीविता को बढ़ाएगी, जिससे राष्ट्रीय सुरक्षा को और बढ़ावा मिलेगा।