आईएनएस इम्फाल और आईएनएस सूरत भारतीय नौसेना में शामिल
2026-07-15पृष्ठभूमि: भारतीय नौसेना अपने बेड़े को उन्नत युद्धपोतों से आधुनिक बना रही है। विशाखापत्तनम-श्रेणी के विध्वंसक इस आधुनिकीकरण अभियान का एक प्रमुख हिस्सा हैं, जिन्हें बहु-मिशन क्षमताओं के लिए डिज़ाइन किया गया है।
वर्तमान संदर्भ: 15 जुलाई 2026 को, भारतीय नौसेना ने नौसैनिक अड्डों पर दो उन्नत निर्देशित-मिसाइल विध्वंसक, आईएनएस इम्फाल और आईएनएस सूरत को कमीशन किया। ये जहाज अत्याधुनिक हथियार प्रणालियों से लैस हैं, जिनमें स्वदेशी सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइलें और उन्नत सोनार क्षमताएं शामिल हैं, जो भारत की नौसैनिक शक्ति को बढ़ाती हैं।
प्रभाव: इन विध्वंसक जहाजों के शामिल होने से भारतीय नौसेना की युद्ध तत्परता और इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में शक्ति प्रक्षेपण की क्षमता में काफी वृद्धि हुई है। यह रक्षा निर्माण में भारत की आत्मनिर्भरता को रेखांकित करता है और इसके समुद्री सुरक्षा ढांचे को मजबूत करता है।
भारतीय नौसेना ने उन्नत समुद्री अभ्यास 'सी गार्डियन' आयोजित किया
2026-07-15पृष्ठभूमि: नौसैनिक बलों के बीच परिचालन तत्परता और अंतरसंचालनीयता बनाए रखने के लिए नियमित समुद्री अभ्यास महत्वपूर्ण हैं। ये अभ्यास विभिन्न युद्ध परिदृश्यों और समन्वय प्रोटोकॉल का परीक्षण करते हैं।
वर्तमान संदर्भ: 12-14 जुलाई, 2026 के बीच, भारतीय नौसेना ने अरब सागर में उन्नत समुद्री अभ्यास 'सी गार्डियन' का सफलतापूर्वक आयोजन किया। इस अभ्यास में अग्रिम पंक्ति के युद्धपोतों, पनडुब्बियों और नौसैनिक उड्डयन संपत्तियों ने भाग लिया, जिसमें पनडुब्बी रोधी युद्ध, वायु रक्षा और समुद्री अवरोधन अभियानों पर ध्यान केंद्रित किया गया।
प्रभाव: 'सी गार्डियन' ने भारतीय नौसेना की परिचालन क्षमताओं को बढ़ाया और नए सिद्धांतों तथा प्रौद्योगिकियों को मान्य किया। इसने भारत की रणनीतिक समुद्री क्षेत्रों में समुद्री स्थिरता और सुरक्षा बनाए रखने की प्रतिबद्धता का एक मजबूत संकेत भी दिया।