आईएनएस त्रिकंद और आईएनएस कोलकाता ने संयुक्त नौसैनिक अभ्यास में भाग लिया
2026-07-14पृष्ठभूमि: भारतीय नौसेना नियमित रूप से परिचालन तत्परता और अंतरसंचालनीयता के उच्च स्तर को बनाए रखने के लिए अभ्यास करती है। इन अभ्यासों में विभिन्न वर्ग के युद्धपोत और विमान शामिल होते हैं। वर्तमान संदर्भ: 12 जुलाई, 2026 को, भारतीय नौसेना के दो प्रमुख युद्धपोत आईएनएस त्रिकंद और आईएनएस कोलकाता ने गोवा तट से दूर एक महत्वपूर्ण संयुक्त नौसैनिक अभ्यास में भाग लिया। अभ्यास का ध्यान उन्नत पनडुब्बी रोधी युद्ध की रणनीति और समन्वित बेड़े के युद्धाभ्यास पर था। प्रभाव: यह अभ्यास जटिल समुद्री खतरों का प्रभावी ढंग से जवाब देने के लिए भारतीय नौसेना की क्षमता को बढ़ाता है, अंतर-सेवा समन्वय को मजबूत करता है, और नौसैनिक अभियानों में भारत की बढ़ती शक्ति का प्रदर्शन करता है।
डीआरडीओ ने स्वदेशी टॉरपीडो प्रणाली का सफलतापूर्वक परीक्षण किया
2026-07-14पृष्ठभूमि: भारत रक्षा विनिर्माण में आत्मनिर्भरता प्राप्त करने के लिए प्रतिबद्ध है, जिसमें रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (डीआरडीओ) एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। महत्वपूर्ण हथियार प्रणालियों का स्वदेशी विकास एक प्रमुख प्राथमिकता है। वर्तमान संदर्भ: 11 जुलाई, 2026 को, डीआरडीओ ने एक नौसैनिक प्लेटफॉर्म से एक नई स्वदेशी हल्के वजन वाली टॉरपीडो प्रणाली के सफल परीक्षण की घोषणा की। यह टॉरपीडो पनडुब्बी रोधी युद्ध और सतह रोधी युद्ध दोनों अभियानों के लिए डिज़ाइन की गई है। प्रभाव: यह सफल परीक्षण आयातित टॉरपीडो पर निर्भरता कम करने, भारतीय नौसेना की पानी के नीचे युद्ध क्षमताओं को मजबूत करने और भारत के रक्षा औद्योगिक आधार को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
नौसेना प्रमुख ने पूर्वी बेड़े की परिचालन तत्परता की समीक्षा की
2026-07-14पृष्ठभूमि: नौसेना प्रमुख किसी भी आपात स्थिति के लिए विभिन्न बेड़ों की परिचालन तत्परता की आवधिक समीक्षा करते हैं ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि वे किसी भी घटना के लिए तैयार हैं। पूर्वी नौसेना कमान बंगाल की खाड़ी में भारत की समुद्री सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण है। वर्तमान संदर्भ: नौसेना प्रमुख एडमिरल आर. हरि कुमार ने 10 जुलाई, 2026 को विशाखापत्तनम की यात्रा के दौरान भारतीय नौसेना के पूर्वी बेड़े की परिचालन तत्परता की समीक्षा की। समीक्षा में युद्ध तत्परता, लॉजिस्टिक सहायता और चालक दल की दक्षता का आकलन शामिल था। प्रभाव: यह समीक्षा सुनिश्चित करती है कि पूर्वी बेड़ा एक शक्तिशाली बल बना रहे, जो भारत के समुद्री हितों की रक्षा करने और पूर्वी तट पर किसी भी सुरक्षा चुनौती का तुरंत जवाब देने में सक्षम हो।