भारत-फ्रांस संयुक्त नौसैनिक अभ्यास 'वरुण-26' संपन्न
2026-07-01पृष्ठभूमि: भारत और फ्रांस के बीच विशेष रूप से रक्षा क्षेत्र में एक मजबूत रणनीतिक साझेदारी है। 'वरुण' जैसे संयुक्त नौसैनिक अभ्यास नियमित रूप से होते हैं, जो अंतरसंचालनीयता और समुद्री सुरक्षा सहयोग को बढ़ाते हैं। वर्तमान संदर्भ: द्विपक्षीय नौसैनिक अभ्यास 'वरुण-26' का 26वां संस्करण 29 जून, 2026 को अरब सागर में संपन्न हुआ। इसमें दोनों नौसेनाओं के विध्वंसक, फ्रिगेट, पनडुब्बियों और समुद्री गश्ती विमानों की भागीदारी के साथ उन्नत पनडुब्बी रोधी युद्ध अभ्यास, वायु रक्षा अभ्यास और सामरिक युद्धाभ्यास शामिल थे। प्रभाव: यह अभ्यास दोनों नौसेनाओं की परिचालन क्षमताओं को महत्वपूर्ण रूप से बढ़ाता है, आपसी समझ को बढ़ावा देता है और क्षेत्रीय समुद्री चुनौतियों का जवाब देने की उनकी क्षमता को मजबूत करता है। यह एक स्वतंत्र और खुले हिंद-प्रशांत के प्रति भारत की प्रतिबद्धता को रेखांकित करता है और फ्रांस के साथ रणनीतिक संबंधों को मजबूत करता है।
डीआरडीओ ने उन्नत हाइपरसोनिक मिसाइल 'प्रलय-II' का सफल परीक्षण किया
2026-07-01पृष्ठभूमि: भारत अपनी मिसाइल क्षमताओं को बढ़ाने पर लगातार काम कर रहा है, जिसमें डीआरडीओ स्वदेशी विकास में सबसे आगे है। 'प्रलय' श्रृंखला पारंपरिक बैलिस्टिक मिसाइलों की एक नई पीढ़ी का प्रतिनिधित्व करती है। वर्तमान संदर्भ: 30 जून, 2026 को, रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (डीआरडीओ) ने ओडिशा तट से डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम द्वीप से अपनी पारंपरिक अर्ध-बैलिस्टिक मिसाइल के एक उन्नत संस्करण 'प्रलय-II' का पहला सफल उड़ान परीक्षण किया। मिसाइल ने बढ़ी हुई रेंज और सटीक मारक क्षमता का प्रदर्शन किया। प्रभाव: यह सफल परीक्षण भारत की पारंपरिक प्रतिरोधक क्षमताओं को महत्वपूर्ण रूप से मजबूत करता है, जिससे सशस्त्र बलों को उच्च-मूल्य वाले लक्ष्यों के खिलाफ सटीक हमलों के लिए एक शक्तिशाली हथियार मिलता है। यह रक्षा प्रौद्योगिकी में भारत की आत्मनिर्भरता में एक प्रमुख मील का पत्थर है और राष्ट्रीय सुरक्षा को मजबूत करता है।