भारत ने स्वदेशी आकाश-एनजी मिसाइल का सफलतापूर्वक परीक्षण किया
2026-06-02पृष्ठभूमि: आकाश-एनजी (नई पीढ़ी) सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइल प्रणाली है जिसे भारत के रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) ने मध्यम दूरी पर हवाई खतरों को रोकने के लिए विकसित किया है। यह मौजूदा आकाश मिसाइल प्रणाली का एक उन्नत संस्करण है।
वर्तमान संदर्भ: भारत की वायु रक्षा क्षमताओं में एक महत्वपूर्ण वृद्धि करते हुए, डीआरडीओ ने ओडिशा के चांदीपुर स्थित इंटीग्रेटेड टेस्ट रेंज से आकाश-एनजी मिसाइल का एक विकासात्मक उड़ान परीक्षण सफलतापूर्वक किया। मिसाइल ने विस्तारित रेंज और बढ़ी हुई गतिशीलता के साथ लक्ष्यों को भेदने की अपनी क्षमता का प्रदर्शन किया।
प्रभाव: इस सफल परीक्षण से मिसाइल प्रौद्योगिकी में भारत की आत्मनिर्भरता बढ़ती है और ड्रोन तथा कम ऊंचाई पर उड़ने वाले विमानों सहित हवाई खतरों की एक विस्तृत श्रृंखला के खिलाफ इसके वायु रक्षा नेटवर्क को मजबूती मिलती है।
भारतीय नौसेना ने प्रमुख समुद्री अभ्यास 'ट्रॉपेक्स 2026' का संचालन किया
2026-06-02पृष्ठभूमि: थिएटर लेवल ऑपरेशनल रेडीनेस एक्सरसाइज (ट्रॉपेक्स) भारतीय नौसेना द्वारा अपने परिचालन योजनाओं को मान्य करने और सभी समुद्री सीमाओं पर युद्धक तत्परता का आकलन करने के लिए आयोजित एक बड़े पैमाने पर, त्रि-सेवा समुद्री अभ्यास है।
वर्तमान संदर्भ: भारतीय नौसेना ने हाल ही में हिंद महासागर क्षेत्र में अपने द्विवार्षिक प्रमुख समुद्री अभ्यास, ट्रॉपेक्स 2026 का समापन किया। इस अभ्यास में भारतीय सेना, भारतीय वायु सेना और तटरक्षक बल की भागीदारी शामिल थी, जिसमें जटिल युद्ध परिदृश्यों का अनुकरण किया गया और संयुक्त परिचालन क्षमताओं का परीक्षण किया गया।
प्रभाव: ट्रॉपेक्स 2026 भारतीय सशस्त्र बलों के बीच तालमेल और अंतरसंचालनीयता को बढ़ाता है, जिससे क्षेत्रीय रक्षा, समुद्री डकैती विरोधी अभियानों और आपदा राहत सहित किसी भी समुद्री सुरक्षा चुनौती का समन्वित प्रतिक्रिया सुनिश्चित होती है।
डीआरडीओ ने उन्नत काउंटर-ड्रोन प्रणाली विकसित की
2026-06-02पृष्ठभूमि: निगरानी और संभावित दुर्भावनापूर्ण गतिविधियों के लिए ड्रोन के बढ़ते उपयोग के कारण राष्ट्रीय सुरक्षा की रक्षा के लिए मजबूत काउंटर-ड्रोन प्रौद्योगिकियों के विकास की आवश्यकता है।
वर्तमान संदर्भ: रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) ने एक उन्नत काउंटर-ड्रोन प्रणाली को सफलतापूर्वक विकसित और प्रदर्शित किया है जो वास्तविक समय में शत्रुतापूर्ण ड्रोन का पता लगाने, ट्रैक करने और उन्हें निष्क्रिय करने में सक्षम है। प्रणाली में रडार, इलेक्ट्रो-ऑप्टिकल सेंसर और इलेक्ट्रॉनिक जैमर सहित कई प्रौद्योगिकियां एकीकृत हैं।
प्रभाव: यह स्वदेशी विकास भारतीय सशस्त्र बलों और सुरक्षा एजेंसियों को मानव रहित हवाई वाहनों से बढ़ते खतरे का मुकाबला करने के लिए एक परिष्कृत उपकरण प्रदान करता है, जिससे सीमा सुरक्षा बढ़ती है और महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे की सुरक्षा होती है।