भारत ने अग्नि-V बैलिस्टिक मिसाइल का सफलतापूर्वक परीक्षण किया
2026-05-31पृष्ठभूमि: भारत की अग्नि मिसाइल श्रृंखला इसकी रणनीतिक परमाणु निवारण क्षमता का प्रतिनिधित्व करती है। अग्नि-V इनमें सबसे उन्नत है, जिसे अंतरमहाद्वीपीय पहुंच के लिए डिज़ाइन किया गया है।
वर्तमान संदर्भ: भारत ने अग्नि-V मिसाइल, एक परमाणु-सक्षम, सतह से सतह पर मार करने वाली बैलिस्टिक मिसाइल का एक विकासात्मक परीक्षण सफलतापूर्वक किया। यह मिसाइल 5,000 किलोमीटर से अधिक की दूरी पर लक्ष्यों को भेदने में सक्षम बताई जा रही है, जिससे लगभग पूरा एशिया और यूरोप का हिस्सा इसकी पहुंच में आ जाता है।
प्रभाव: इस सफल परीक्षण से भारत की रणनीतिक निवारण क्षमताओं में काफी वृद्धि हुई है और यह विश्वसनीय न्यूनतम निवारण के साथ एक जिम्मेदार परमाणु शक्ति के रूप में भारत की स्थिति की पुष्टि करता है। यह स्वदेशी मिसाइल प्रौद्योगिकी में भारतीय रक्षा प्रतिष्ठान के आत्मविश्वास को भी बढ़ाता है।
भारतीय नौसेना स्वदेशी एडवांस्ड टॉरपीडो डेकोय सिस्टम 'मारीच' को शामिल करेगी
2026-05-31पृष्ठभूमि: भारतीय नौसेना दुश्मन पनडुब्बियों से खतरों का मुकाबला करने के लिए अपनी पनडुब्बी रोधी युद्ध (ASW) क्षमताओं को लगातार बढ़ाना चाहती है। नौसैनिक संपत्तियों की सुरक्षा के लिए उन्नत डेकोय सिस्टम महत्वपूर्ण हैं।
वर्तमान संदर्भ: भारतीय नौसेना स्वदेशी रूप से विकसित एडवांस्ड टॉरपीडो डेकोय सिस्टम 'मारीच' को शामिल करने के लिए तैयार है। हिंदुस्तान शिपयार्ड लिमिटेड और नौसेना भौतिक और समुद्र विज्ञान प्रयोगशाला (NPOL) द्वारा विकसित, मारीच आने वाली टॉरपीडो को धोखा देने के लिए डिज़ाइन किया गया है, जो नौसैनिक प्लेटफार्मों को महत्वपूर्ण सुरक्षा प्रदान करता है।
प्रभाव: मारीच के शामिल होने से भारतीय नौसेना की ASW क्षमताओं में काफी वृद्धि होगी, जिससे टॉरपीडो खतरों के खिलाफ रक्षा की एक महत्वपूर्ण परत मिलेगी। यह स्वदेशी प्रणाली विदेशी प्रौद्योगिकी पर निर्भरता कम करती है और रक्षा विनिर्माण में भारत की आत्मनिर्भरता को मजबूत करती है।
डीआरडीओ ने रुद्रम-II हवा से जमीन पर मार करने वाली मिसाइल का सफलतापूर्वक परीक्षण किया
2026-05-31पृष्ठभूमि: भारत के रक्षा अनुसंधान और विकास के प्रयास तकनीकी बढ़त बनाए रखने के लिए उन्नत हथियार प्रणालियाँ बनाने पर केंद्रित हैं। हवा से जमीन पर मार करने वाली मिसाइलें आक्रामक अभियानों के लिए महत्वपूर्ण हैं।
वर्तमान संदर्भ: रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (डीआरडीओ) ने रुद्रम-II, एक स्वदेशी स्टैंड-ऑफ, एंटी-रेडिएशन मिसाइल का सफलतापूर्वक उड़ान परीक्षण किया। यह मिसाइल लड़ाकू विमानों से लॉन्च करने के लिए डिज़ाइन की गई है और सुरक्षित दूरी से दुश्मन के रडार सिस्टम को निशाना बना सकती है।
प्रभाव: रुद्रम-II के सफल परीक्षण से भारतीय वायु सेना (IAF) की स्टैंडऑफ स्ट्राइक क्षमताओं में वृद्धि होती है, जिससे यह दुश्मन के हवाई रक्षा प्रणालियों को प्रभावी ढंग से निष्क्रिय कर सकती है। यह स्वदेशी विकास उन्नत मिसाइल प्रौद्योगिकी में भारत की आत्मनिर्भरता में योगदान देता है और इसकी हवाई युद्ध क्षमता को मजबूत करता है।