भारत-फ्रांस संयुक्त सैन्य अभ्यास 'शक्ति-VI' संपन्न
2026-05-24पृष्ठभूमि: संयुक्त सैन्य अभ्यास मित्र देशों के बीच अंतर-संचालनीयता और आपसी समझ को बढ़ावा देने के लिए महत्वपूर्ण हैं। भारत और फ्रांस रक्षा सहयोग बढ़ाने के लिए नियमित रूप से ऐसे अभ्यास करते हैं। वर्तमान संदर्भ: भारत और फ्रांस के बीच द्विवार्षिक संयुक्त सैन्य अभ्यास 'शक्ति-VI' का छठा संस्करण 22 मई, 2026 को राजस्थान में संपन्न हुआ। इस अभ्यास में अर्ध-शहरी और ग्रामीण इलाकों में आतंकवाद विरोधी अभियानों, सामरिक अभ्यासों और सर्वोत्तम प्रथाओं को साझा करने पर ध्यान केंद्रित किया गया। प्रभाव: इस अभ्यास ने दोनों देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी को मजबूत किया, जटिल सुरक्षा चुनौतियों का जवाब देने की उनकी क्षमताओं में सुधार किया और समन्वित प्रयासों तथा बढ़ी हुई परिचालन तत्परता के माध्यम से क्षेत्रीय स्थिरता को बढ़ावा दिया।
DRDO ने अगली पीढ़ी की बैलिस्टिक मिसाइल 'अग्नि-पी' का सफल परीक्षण किया
2026-05-24पृष्ठभूमि: DRDO के नेतृत्व में भारत का स्वदेशी मिसाइल विकास कार्यक्रम रणनीतिक प्रतिरोध बनाए रखने के लिए महत्वपूर्ण है। अग्नि मिसाइलों की श्रृंखला भारत के परमाणु त्रय की रीढ़ है। वर्तमान संदर्भ: रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (DRDO) ने 23 मई, 2026 को डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम द्वीप, ओडिशा से अगली पीढ़ी की परमाणु-सक्षम बैलिस्टिक मिसाइल 'अग्नि-पी' का सफल उड़ान परीक्षण किया। इस उन्नत संस्करण में नए प्रणोदन प्रणाली और मार्गदर्शन प्रौद्योगिकियां शामिल हैं। प्रभाव: सफल परीक्षण भारत की रणनीतिक प्रतिरोधक क्षमताओं को महत्वपूर्ण रूप से बढ़ाता है, जो अत्याधुनिक मिसाइल प्रौद्योगिकी विकसित करने में उसकी क्षमता को प्रदर्शित करता है। यह राष्ट्रीय सुरक्षा को मजबूत करता है और एक जिम्मेदार परमाणु शक्ति के रूप में भारत की स्थिति को सुदृढ़ करता है।
भारतीय नौसेना में उन्नत स्टील्थ फ्रिगेट 'आईएनएस महेंद्रगिरि' शामिल
2026-05-24पृष्ठभूमि: भारतीय नौसेना 'मेक इन इंडिया' पहल के तहत स्वदेशी जहाज निर्माण पर ध्यान केंद्रित करते हुए एक महत्वपूर्ण आधुनिकीकरण अभियान चला रही है। स्टील्थ फ्रिगेट नौसेना की शक्ति प्रक्षेपण और समुद्री सुरक्षा बढ़ाने के लिए महत्वपूर्ण हैं। वर्तमान संदर्भ: भारतीय नौसेना ने 24 मई, 2026 को मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स लिमिटेड (MDL) में प्रोजेक्ट 17A स्टील्थ फ्रिगेट श्रृंखला के सातवें जहाज 'आईएनएस महेंद्रगिरि' को कमीशन किया। यह उन्नत युद्धपोत अत्याधुनिक सेंसर, हथियार प्रणालियों और स्टील्थ विशेषताओं से लैस है। प्रभाव: आईएनएस महेंद्रगिरि के शामिल होने से भारतीय नौसेना की गहरे समुद्र में परिचालन क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है, जिससे हिंद महासागर क्षेत्र में इसकी उपस्थिति और परिचालन पहुंच मजबूत हुई है। यह रक्षा विनिर्माण में भारत की आत्मनिर्भरता की प्रतिबद्धता को रेखांकित करता है और समुद्री सुरक्षा को मजबूत करता है।