आरबीआई ने अगस्त 2026 की समीक्षा में रेपो दर को 6.5% पर स्थिर रखा
2026-08-28पृष्ठभूमि: भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) आर्थिक विकास और मुद्रास्फीति के बीच संतुलन बनाने के लिए समय-समय पर अपनी मौद्रिक नीति की समीक्षा करता है। वर्तमान संदर्भ: अगस्त 2026 की मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) की बैठक में, आरबीआई ने रेपो दर को 6.5% पर अपरिवर्तित रखने का निर्णय लिया। यह निर्णय खुदरा मुद्रास्फीति को 4% के लक्ष्य के करीब लाने के लिए केंद्रीय बैंक की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। प्रभाव: स्थिर ब्याज दरों को बनाए रखकर, आरबीआई का उद्देश्य बैंकिंग क्षेत्र को पूर्वानुमान प्रदान करना और ऋण वृद्धि का समर्थन करना है।
नए डिजिटल ऋण दिशानिर्देश उपभोक्ता सुरक्षा को मजबूत करते हैं
2026-08-28पृष्ठभूमि: फिनटेक प्लेटफॉर्म के उदय ने शोषणकारी व्यवहार को रोकने के लिए डिजिटल ऋण प्रथाओं की सख्त निगरानी की आवश्यकता पैदा की। वर्तमान संदर्भ: अगस्त 2026 के अंत तक, आरबीआई ने अद्यतन दिशानिर्देश लागू किए हैं जिनके तहत सभी डिजिटल ऋण ऐप्स को उधारकर्ताओं को एक मानकीकृत 'की फैक्ट स्टेटमेंट' (केएफएस) प्रदान करना अनिवार्य है। यह वार्षिक प्रतिशत दर (एपीआर) और वसूली प्रथाओं के बारे में पारदर्शिता सुनिश्चित करता है। प्रभाव: ये उपाय खुदरा उधारकर्ताओं को छिपे हुए शुल्कों और जबरन वसूली के तरीकों से बचाने के लिए डिज़ाइन किए गए हैं।