आरबीआई ने अगस्त 2026 की नीति समीक्षा में रेपो दर को 6.5% पर स्थिर रखा
2026-08-20पृष्ठभूमि: भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) आर्थिक विकास और मुद्रास्फीति के बीच संतुलन बनाने के लिए समय-समय पर अपनी मौद्रिक नीति की समीक्षा करता है। वर्तमान संदर्भ: अगस्त 2026 की मौद्रिक नीति समिति (MPC) की बैठक में, आरबीआई ने रेपो दर को 6.5% पर अपरिवर्तित रखने का निर्णय लिया। यह निर्णय खाद्य मुद्रास्फीति और वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं के प्रति केंद्रीय बैंक के सतर्क दृष्टिकोण को दर्शाता है। प्रभाव: यथास्थिति बनाए रखकर, आरबीआई का लक्ष्य मुद्रास्फीति की उम्मीदों को स्थिर करना है, साथ ही यह सुनिश्चित करना है कि उत्पादक क्षेत्रों में ऋण प्रवाह बना रहे, जिससे भारत की आर्थिक सुधार और वित्तीय स्थिरता को समर्थन मिले।
एनबीएफसी के लिए नए डिजिटल ऋण दिशानिर्देश अगस्त 2026 से प्रभावी
2026-08-20पृष्ठभूमि: उधारकर्ताओं को शोषणकारी ऋण प्रथाओं से बचाने के लिए, आरबीआई ने व्यापक डिजिटल ऋण दिशानिर्देश पेश किए। वर्तमान संदर्भ: अगस्त 2026 से, गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (NBFCs) के लिए नए नियामक ढांचे पूरी तरह से लागू हो गए हैं। ये नियम ऋणदाता और उधारकर्ता के बैंक खाते के बीच सीधे फंड ट्रांसफर को अनिवार्य बनाते हैं, जिससे तीसरे पक्ष के मध्यस्थों की भूमिका समाप्त हो जाती है। प्रभाव: इन उपायों का उद्देश्य पारदर्शिता बढ़ाना, डेटा के दुरुपयोग को रोकना और यह सुनिश्चित करना है कि डिजिटल ऋण प्लेटफॉर्म एक सुरक्षित ढांचे के भीतर काम करें। इससे उपभोक्ता शिकायतों में कमी आएगी और भारत में डिजिटल वित्तीय पारिस्थितिकी तंत्र की अखंडता मजबूत होगी।