आरबीआई ने डिजिटल लेंडिंग पारदर्शिता दिशानिर्देशों को बढ़ाया
2026-08-19पृष्ठभूमि: आरबीआई उपभोक्ता सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए डिजिटल लेंडिंग ऐप्स के तेजी से विकास की निगरानी कर रहा है। वर्तमान संदर्भ: 19 अगस्त 2026 तक, आरबीआई ने अनिवार्य किया है कि सभी विनियमित संस्थाओं को ऋण वितरण से पहले उधारकर्ताओं को मानकीकृत प्रारूप में 'की फैक्ट स्टेटमेंट' (KFS) प्रदान करना होगा। इसमें सभी समावेशी लागत और शिकायत निवारण तंत्र शामिल हैं। प्रभाव: इस कदम का उद्देश्य शोषणकारी ऋण प्रथाओं और छिपे हुए शुल्कों पर अंकुश लगाना है, जिससे यह सुनिश्चित हो सके कि खुदरा उधारकर्ताओं को ब्याज दरों और पुनर्भुगतान कार्यक्रम पर पूर्ण स्पष्टता हो।
सॉवरेन ग्रीन बॉन्ड जारी करने के लिए नया ढांचा
2026-08-19पृष्ठभूमि: भारत अपने जलवायु लक्ष्यों को पूरा करने के लिए टिकाऊ वित्त को सक्रिय रूप से बढ़ावा दे रहा है। वर्तमान संदर्भ: 18 अगस्त 2026 को, वित्त मंत्रालय ने सॉवरेन ग्रीन बॉन्ड जारी करने के लिए एक अद्यतन ढांचा जारी किया। नए दिशानिर्देश हरित हाइड्रोजन और कार्बन कैप्चर प्रौद्योगिकियों सहित पात्र परियोजनाओं के दायरे का विस्तार करने पर केंद्रित हैं। प्रभाव: इस ढांचे से वैश्विक संस्थागत निवेशकों को आकर्षित करने और हरित बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के लिए पूंजी की लागत कम करने की उम्मीद है। यह भारत की वित्तीय रणनीति को अंतरराष्ट्रीय स्थिरता मानकों के साथ संरेखित करता है।