आरबीआई ने डिजिटल लेंडिंग के लिए साइबर सुरक्षा ढांचे को मजबूत किया
2026-08-13पृष्ठभूमि: भारतीय रिज़र्व बैंक (आरबीआई) लगातार डिजिटल वित्तीय लेनदेन की सुरक्षा और संरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अपने नियामक ढांचे को मजबूत कर रहा है। इसमें उभरते खतरों से उपभोक्ताओं और वित्तीय संस्थानों की सुरक्षा के लिए मजबूत साइबर सुरक्षा उपायों पर ध्यान केंद्रित करना शामिल है।
वर्तमान संदर्भ: 13 अगस्त, 2026 तक, आरबीआई ने डिजिटल लेंडिंग में शामिल सभी संस्थाओं के लिए उन्नत साइबर सुरक्षा प्रोटोकॉल अनिवार्य करते हुए संशोधित दिशानिर्देश जारी किए हैं। इनमें सख्त डेटा एन्क्रिप्शन मानक, सभी लेनदेन के लिए अनिवार्य मल्टी-फैक्टर प्रमाणीकरण और नियमित सुरक्षा ऑडिट शामिल हैं। इसका उद्देश्य धोखाधड़ी वाली गतिविधियों पर अंकुश लगाना और संवेदनशील ग्राहक जानकारी की सुरक्षा करना है।
प्रभाव: इस कदम से डिजिटल लेंडिंग धोखाधड़ी में काफी कमी आने, डिजिटल वित्तीय सेवाओं में उपभोक्ताओं का विश्वास बढ़ने और डिजिटल लेंडिंग पारिस्थितिकी तंत्र की स्थिरता सुनिश्चित होने की उम्मीद है। यह फिनटेक कंपनियों और बैंकों को उन्नत सुरक्षा प्रौद्योगिकियों में अधिक निवेश करने के लिए भी प्रेरित करता है।
आरबीआई ने डिजिटल भुगतान एग्रीगेटर्स के लिए नए मानदंड पेश किए
2026-08-13पृष्ठभूमि: डिजिटल भुगतान एग्रीगेटर्स (DPAs) व्यापारियों और भुगतान नेटवर्क के बीच मध्यस्थ के रूप में कार्य करके ऑनलाइन लेनदेन को सुविधाजनक बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। आरबीआई अनुपालन और ग्राहक सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उनके संचालन की निगरानी कर रहा है।
वर्तमान संदर्भ: 12 अगस्त, 2026 को, आरबीआई ने डेटा सुरक्षा, ग्राहक शिकायत निवारण और नेट वर्थ आवश्यकताओं पर ध्यान केंद्रित करते हुए, DPAs के लिए नए, कड़े मानदंड घोषित किए। वैश्विक सर्वोत्तम प्रथाओं के अनुरूप, DPAs को अब न्यूनतम 25 करोड़ रुपये की नेट वर्थ बनाए रखने और डेटा स्थानीयकरण और सुरक्षा के लिए मजबूत प्रणालियों को लागू करने की आवश्यकता होगी।
प्रभाव: इन विनियमों का उद्देश्य एक अधिक सुरक्षित और भरोसेमंद डिजिटल भुगतान वातावरण बनाना है। उच्च मानकों को लागू करके, आरबीआई डेटा उल्लंघनों को रोकने, विवाद समाधान की दक्षता में सुधार करने और डिजिटल भुगतान सेवाओं के उपयोगकर्ताओं के बीच अधिक विश्वास पैदा करने का प्रयास करता है, जिससे डिजिटल वाणिज्य के विकास का समर्थन होता है।