आरबीआई मौद्रिक नीति समिति ने रेपो दर को अपरिवर्तित रखा
2026-08-12पृष्ठभूमि: भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) की मौद्रिक नीति समिति (MPC) आर्थिक स्थिति का आकलन करने और प्रमुख ब्याज दरों पर निर्णय लेने के लिए द्विमासिक बैठक करती है, जिसका मुख्य उद्देश्य मूल्य स्थिरता बनाए रखना है। वर्तमान संदर्भ: 12 अगस्त, 2026 को, एमपीसी ने लगातार पांचवीं बार रेपो दर को 6.5% पर बनाए रखा। इस निर्णय का कारण वैश्विक अनिश्चितताएं और मुद्रास्फीति नियंत्रण को मजबूत करने की आवश्यकता थी, जिससे 'समायोजन की वापसी' का रुख बरकरार रहा। प्रभाव: यह आरबीआई के सतर्क दृष्टिकोण को दर्शाता है, जो बाजारों को स्थिरता प्रदान करता है। इसका उद्देश्य मुद्रास्फीति को लक्ष्य के भीतर लाना है, जिससे तरलता और निवेश प्रभावित होंगे।
डिजिटल रुपया (ई-रुपया) पायलट का टियर-2 शहरों में विस्तार
2026-08-12पृष्ठभूमि: भारत ने अपनी केंद्रीय बैंक डिजिटल मुद्रा (CBDC), ई-रुपया, को पायलट चरणों में लॉन्च किया था ताकि इसके लाभों का पता लगाया जा सके। प्रारंभिक खुदरा पायलट कुछ चुनिंदा शहरों तक सीमित था। वर्तमान संदर्भ: 12 अगस्त, 2026 को, आरबीआई ने अपने खुदरा डिजिटल रुपया (ई-रुपया) पायलट कार्यक्रम का विस्तार 15 अतिरिक्त टियर-2 शहरों में करने की घोषणा की। इसका उद्देश्य उपयोगकर्ता अपनाने को व्यापक बनाना और व्यापक डेटा एकत्र करना है। प्रभाव: यह विस्तार भारत की संप्रभु डिजिटल मुद्रा को व्यापक रूप से अपनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। यह वित्तीय समावेशन बढ़ाएगा, लेनदेन लागत घटाएगा और भौतिक नकदी का एक सुरक्षित विकल्प प्रदान करेगा, जो राष्ट्रव्यापी रोलआउट के लिए महत्वपूर्ण है।