आरबीआई ने अगस्त 2026 की नीति में रेपो दर को 6.5% पर स्थिर रखा
2026-08-09पृष्ठभूमि: भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) मुद्रास्फीति और विकास को प्रबंधित करने के लिए समय-समय पर अपनी मौद्रिक नीति की समीक्षा करता है। वर्तमान संदर्भ: 9 अगस्त, 2026 को संपन्न मौद्रिक नीति समिति (MPC) की बैठक में, आरबीआई ने रेपो दर को 6.5% पर अपरिवर्तित रखने का निर्णय लिया। यह निर्णय 4% के मुद्रास्फीति लक्ष्य के साथ तालमेल बिठाने और आर्थिक गति को समर्थन देने पर केंद्रित है। प्रभाव: यह स्थिरता उधारकर्ताओं और बैंकों को निश्चितता प्रदान करती है, जिससे ऋण दरें स्थिर रहती हैं, जो चालू वित्त वर्ष में उपभोक्ता मांग और औद्योगिक निवेश के लिए महत्वपूर्ण है।
नए डिजिटल ऋण दिशानिर्देशों का कार्यान्वयन
2026-08-09पृष्ठभूमि: फिनटेक के उदय के साथ, आरबीआई ने उधारकर्ताओं की सुरक्षा के लिए डिजिटल ऋण ऐप्स को विनियमित करने हेतु दिशानिर्देश पेश किए। वर्तमान संदर्भ: अगस्त 2026 तक, आरबीआई ने डिजिटल क्षेत्र में काम करने वाली सभी गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (NBFCs) के लिए सख्त अनुपालन अनिवार्य कर दिया है। इन नियमों के तहत ब्याज दरों और शिकायत निवारण तंत्र का पारदर्शी खुलासा करना आवश्यक है। प्रभाव: ये उपाय शोषणकारी ऋण प्रथाओं को रोकने और उपयोगकर्ताओं के लिए डेटा गोपनीयता बढ़ाने के लिए डिज़ाइन किए गए हैं। डिजिटल ऋण पारिस्थितिकी तंत्र को औपचारिक बनाकर, आरबीआई खुदरा ग्राहकों के बीच विश्वास बढ़ाना चाहता है।