आरबीआई ने डिजिटल ऋण पारदर्शिता के लिए नए दिशानिर्देश जारी किए
2026-07-28पृष्ठभूमि: डिजिटल ऋण ऐप्स के उदय ने डेटा गोपनीयता और अनुचित वसूली प्रथाओं के बारे में चिंताएं पैदा की थीं। वर्तमान संदर्भ: जुलाई 2026 तक, आरबीआई ने अनिवार्य कर दिया है कि सभी विनियमित संस्थाओं को उधारकर्ता और ऋणदाता के बैंक खाते के बीच सीधे फंड प्रवाह सुनिश्चित करना होगा, जिससे तीसरे पक्ष के खातों को दरकिनार किया जा सके। प्रभाव: इस कदम का उद्देश्य अवैध ऋण गतिविधियों पर अंकुश लगाना और उपभोक्ता संरक्षण को बढ़ाना है, यह सुनिश्चित करके कि ऋण स्वीकृत होने से पहले सभी शुल्क और ब्याज दरें उधारकर्ता को स्पष्ट रूप से बताई जाएं।
वित्त मंत्रालय ने लघु बचत योजनाओं की ब्याज दरों में संशोधन किया
2026-07-28पृष्ठभूमि: भारत सरकार बाजार की पैदावार के आधार पर पीपीएफ और सुकन्या समृद्धि योजना जैसी लघु बचत योजनाओं की ब्याज दरों की समय-समय पर समीक्षा करती है। वर्तमान संदर्भ: 28 जुलाई 2026 को, वित्त मंत्रालय ने आगामी तिमाही के लिए ब्याज दरों में मामूली समायोजन की घोषणा की, ताकि उन्हें प्रचलित सरकारी बॉन्ड यील्ड के अनुरूप बनाया जा सके। प्रभाव: इस संशोधन से छोटे बचतकर्ताओं के लिए रिटर्न और व्यापक व्यापक आर्थिक वातावरण के बीच संतुलन बनने की उम्मीद है। यह सुनिश्चित करता है कि लघु बचत उपकरण आकर्षक बने रहें और राष्ट्रीय वित्तीय ढांचे के भीतर राजकोषीय अनुशासन बना रहे।