RBI ने बैंकों के लिए साइबर सुरक्षा ढांचे को मजबूत किया
2026-07-26पृष्ठभूमि: भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) लगातार विकसित हो रहे डिजिटल खतरों से बचाव के लिए बैंकिंग क्षेत्र में मजबूत साइबर सुरक्षा उपायों की आवश्यकता पर जोर देता रहा है।
वर्तमान संदर्भ: 25 जुलाई, 2026 तक, RBI ने सभी अनुसूचित वाणिज्यिक बैंकों के लिए उन्नत साइबर सुरक्षा प्रोटोकॉल अनिवार्य करते हुए संशोधित दिशानिर्देश जारी किए हैं। इनमें सख्त डेटा एन्क्रिप्शन मानक, महत्वपूर्ण लेनदेन के लिए अनिवार्य मल्टी-फैक्टर प्रमाणीकरण और नियमित पैठ परीक्षण शामिल हैं।
प्रभाव: इन उपायों का उद्देश्य साइबर हमलों के जोखिम को काफी कम करना, ग्राहक डेटा की सुरक्षा करना और डिजिटल बैंकिंग पारिस्थितिकी तंत्र में जनता के विश्वास को बनाए रखना है, जिससे वित्तीय स्थिरता सुनिश्चित हो सके।
RBI ने डिजिटल लेंडिंग के लिए नए दिशानिर्देश पेश किए
2026-07-26पृष्ठभूमि: डिजिटल लेंडिंग प्लेटफार्मों के तेजी से विकास के लिए उधारकर्ताओं की सुरक्षा और निष्पक्ष प्रथाओं को सुनिश्चित करने हेतु स्पष्ट नियामक ढांचे की आवश्यकता है।
वर्तमान संदर्भ: 24 जुलाई, 2026 को, RBI ने डिजिटल लेंडिंग के लिए व्यापक दिशानिर्देशों का अनावरण किया। ये दिशानिर्देश ऋण मूल्य निर्धारण में पारदर्शिता, मानकीकृत ऋण समझौतों और एक मजबूत शिकायत निवारण तंत्र पर केंद्रित हैं। ये यह भी अनिवार्य करते हैं कि सभी ऋण वितरण और पुनर्भुगतान अनुसूचित वाणिज्यिक बैंकों के माध्यम से होने चाहिए।
प्रभाव: नए ढांचे से अनुचित ऋण प्रथाओं पर अंकुश लगने, उधारकर्ता संरक्षण में वृद्धि होने और जिम्मेदार डिजिटल लेंडिंग को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है, जो एक स्वस्थ ऋण बाजार और अधिक वित्तीय समावेशन में योगदान देगा।