आरबीआई ने डिजिटल ऋण पारदर्शिता के लिए नए दिशानिर्देश जारी किए
2026-07-17पृष्ठभूमि: डिजिटल लेंडिंग ऐप्स के उदय ने डेटा गोपनीयता और शोषणकारी ऋण प्रथाओं के बारे में चिंताएं बढ़ा दी हैं। वर्तमान संदर्भ: 16 जुलाई 2026 को, भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने अनिवार्य किया कि सभी विनियमित संस्थाओं को ऋण वितरण से पहले उधारकर्ताओं को मानकीकृत प्रारूप में 'की फैक्ट स्टेटमेंट' (KFS) प्रदान करना होगा। प्रभाव: इस कदम का उद्देश्य छिपी हुई लागतों को समाप्त करना और यह सुनिश्चित करना है कि उधारकर्ता वार्षिक प्रतिशत दर (APR) और वसूली तंत्र के बारे में पूरी तरह जागरूक हों, जिससे उपभोक्ता संरक्षण और डिजिटल वित्तीय पारिस्थितिकी तंत्र में विश्वास बढ़ेगा।
वित्त मंत्रालय ने लघु बचत योजनाओं की ब्याज दरों में संशोधन किया
2026-07-17पृष्ठभूमि: सरकार जी-सेक यील्ड के आधार पर त्रैमासिक रूप से लघु बचत योजनाओं की ब्याज दरों की समीक्षा करती है। वर्तमान संदर्भ: 17 जुलाई 2026 को, वित्त मंत्रालय ने वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही (जुलाई-सितंबर) के लिए ब्याज दरों की घोषणा की। हालांकि अधिकांश दरें अपरिवर्तित हैं, वरिष्ठ नागरिक बचत योजना (SCSS) में बाजार के रुझानों के अनुरूप मामूली समायोजन किया गया है। प्रभाव: यह निर्णय छोटे बचतकर्ताओं को आकर्षक रिटर्न प्रदान करने और राजकोषीय अनुशासन बनाए रखने के बीच संतुलन बनाता है, साथ ही यह सुनिश्चित करता है कि बैंकिंग क्षेत्र जमा जुटाने में प्रतिस्पर्धी बना रहे।