आरबीआई ने एनबीएफसी के लिए तरलता कवरेज अनुपात (LCR) नियमों को कड़ा किया
2026-06-29पृष्ठभूमि: भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) प्रणालीगत जोखिमों को रोकने के लिए गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (एनबीएफसी) की निगरानी करता है। वर्तमान संदर्भ: जून 2026 तक, आरबीआई ने ऊपरी परत वाली एनबीएफसी के लिए सख्त तरलता कवरेज अनुपात (एलसीआर) आवश्यकताओं को अनिवार्य कर दिया है ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि उनके पास पर्याप्त उच्च गुणवत्ता वाली तरल संपत्ति है। यह कदम बाजार की अस्थिरता के दौरान संभावित तरलता तनाव को कम करने के लिए है। प्रभाव: यह विनियमन एनबीएफसी को एक मजबूत बफर बनाए रखने के लिए मजबूर करेगा, जिससे उनकी लचीलापन बढ़ेगी।
सरकार द्वारा डिजिटल भुगतान सुरक्षा के लिए नए दिशानिर्देश जारी
2026-06-29पृष्ठभूमि: यूपीआई और डिजिटल लेनदेन में तेजी से वृद्धि के साथ, वित्तीय धोखाधड़ी वित्त मंत्रालय के लिए एक बड़ी चिंता बन गई है। वर्तमान संदर्भ: जून 2026 के अंत में, सरकार ने भुगतान एग्रीगेटर्स और गेटवे के लिए व्यापक सुरक्षा दिशानिर्देश पेश किए। ये नियम सभी उच्च-मूल्य वाले डिजिटल लेनदेन के लिए मल्टी-फैक्टर ऑथेंटिकेशन और रीयल-टाइम धोखाधड़ी पहचान प्रणाली को अनिवार्य करते हैं। प्रभाव: इन उपायों का उद्देश्य डिजिटल बुनियादी ढांचे में उपभोक्ता विश्वास बनाना, साइबर-वित्तीय अपराधों की घटनाओं को कम करना और भारत की बढ़ती डिजिटल अर्थव्यवस्था के लिए एक सुरक्षित पारिस्थितिकी तंत्र प्रदान करना है।