आरबीआई ने एनबीएफसी के लिए नियामक ढांचे को कड़ा किया
2026-06-23पृष्ठभूमि: गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियां (NBFCs) ऋण वितरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। आरबीआई समय-समय पर उनके परिचालन जोखिमों की समीक्षा करता है। वर्तमान संदर्भ: जून 2026 तक, आरबीआई ने प्रणालीगत जोखिमों को कम करने के लिए ऊपरी स्तर की एनबीएफसी के लिए सख्त तरलता कवरेज अनुपात (LCR) आवश्यकताएं पेश की हैं। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि ये संस्थाएं अल्पकालिक तनावपूर्ण स्थितियों से निपटने के लिए पर्याप्त उच्च गुणवत्ता वाली तरल संपत्ति बनाए रखें। प्रभाव: यह विनियमन शैडो बैंकिंग क्षेत्र के लचीलेपन को बढ़ाएगा, जमाकर्ताओं और निवेशकों की रक्षा करेगा और बाजार की अस्थिरता के बावजूद एमएसएमई क्षेत्र में ऋण प्रवाह को स्थिर रखेगा।
नया डिजिटल भुगतान सुरक्षा ढांचा लॉन्च किया गया
2026-06-23पृष्ठभूमि: यूपीआई और डिजिटल लेनदेन में तेजी से वृद्धि के साथ, साइबर धोखाधड़ी वित्तीय क्षेत्र के लिए एक बड़ी चिंता बन गई है। वर्तमान संदर्भ: आरबीआई ने जून 2026 में एक व्यापक 'डिजिटल भुगतान सुरक्षा ढांचा' (DPSF) का अनावरण किया है। यह ढांचा सभी उच्च-मूल्य वाले खुदरा लेनदेन के लिए बहु-कारक प्रमाणीकरण को अनिवार्य बनाता है और एआई-आधारित एनालिटिक्स का उपयोग करके वास्तविक समय में धोखाधड़ी का पता लगाने के तंत्र को पेश करता है। प्रभाव: यह पहल धोखाधड़ी वाली गतिविधियों को काफी कम करेगी, डिजिटल बैंकिंग में उपभोक्ता विश्वास बढ़ाएगी और भारत के डिजिटल भुगतान पारिस्थितिकी तंत्र की समग्र अखंडता को मजबूत करेगी।