आरबीआई ने ग्राहक शिकायत निवारण तंत्र को बढ़ाया
2026-06-09पृष्ठभूमि: भारतीय रिज़र्व बैंक (आरबीआई) ने लगातार वित्तीय क्षेत्र में उपभोक्ता संरक्षण को मजबूत करने पर ध्यान केंद्रित किया है। इसमें बैंकों और अन्य वित्तीय संस्थाओं के खिलाफ ग्राहकों की शिकायतों का कुशल और समय पर समाधान सुनिश्चित करना शामिल है।
वर्तमान संदर्भ: हाल के एक निर्देश में, आरबीआई ने बैंकों को अपने आंतरिक ग्राहक शिकायत निवारण तंत्र को बढ़ाने का आदेश दिया है। इसमें शिकायतों के समाधान के लिए सख्त समय-सीमा निर्धारित करना, प्रक्रिया की पारदर्शिता में सुधार करना और शिकायत अधिकारियों के लिए पर्याप्त स्टाफिंग और प्रशिक्षण सुनिश्चित करना शामिल है।
प्रभाव: इस कदम से बैंकिंग प्रणाली में ग्राहकों का विश्वास बढ़ने, आरबीआई के लोकपाल योजना पर बोझ कम होने और वित्तीय संस्थानों द्वारा अधिक निष्पक्ष प्रथाओं को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है, जिससे अधिक ग्राहक-केंद्रित बैंकिंग वातावरण तैयार होगा।
आरबीआई ने डिजिटल लेंडिंग के लिए नया ढांचा पेश किया
2026-06-09पृष्ठभूमि: डिजिटल लेंडिंग प्लेटफार्मों के तेजी से विकास ने पारदर्शिता, डेटा गोपनीयता और निष्पक्ष ऋण प्रथाओं के संबंध में चिंताएं बढ़ा दी हैं। आरबीआई इन परिचालनों को नियंत्रित करने के लिए एक नियामक ढांचा स्थापित करने पर काम कर रहा है।
वर्तमान संदर्भ: भारतीय रिज़र्व बैंक ने डिजिटल लेंडिंग के लिए एक व्यापक ढांचा जारी किया है, जिसमें डिजिटल लेंडिंग गतिविधियों में शामिल संस्थाओं के लिए दिशानिर्देश बताए गए हैं। इसमें सभी शुल्कों का अग्रिम प्रकटीकरण, स्पष्ट नियम और शर्तें, और मजबूत डेटा सुरक्षा उपाय शामिल हैं। यह यह भी निर्दिष्ट करता है कि ऋण राशि सीधे उधारकर्ता के बैंक खाते में वितरित की जानी चाहिए।
प्रभाव: इस ढांचे का उद्देश्य उधारकर्ताओं को अनुचित ऋण प्रथाओं से बचाना, डिजिटल लेंडिंग परिचालनों में अधिक पारदर्शिता सुनिश्चित करना और फिनटेक क्षेत्र में जिम्मेदार नवाचार को बढ़ावा देना है, जिससे डिजिटल वित्तीय सेवाओं में विश्वास और सुरक्षा बढ़े।