आरबीआई ने डिजिटल भुगतान सुरक्षा ढांचे को मजबूत किया
2026-05-29पृष्ठभूमि: भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) लगातार डिजिटल भुगतान पारिस्थितिकी तंत्र को बढ़ते साइबर खतरों से सुरक्षित करने के लिए काम कर रहा है। वर्तमान संदर्भ: मई 2026 तक, आरबीआई ने अनधिकृत पहुंच को रोकने के लिए सभी उच्च-मूल्य वाले डिजिटल लेनदेन के लिए मल्टी-फैक्टर ऑथेंटिकेशन अनिवार्य करने वाले नए दिशानिर्देश पेश किए हैं। प्रभाव: इस कदम से धोखाधड़ी वाली गतिविधियों में काफी कमी आने और डिजिटल बैंकिंग में उपभोक्ता विश्वास बढ़ने की उम्मीद है। यह 'कम-नकद' अर्थव्यवस्था के व्यापक लक्ष्य के साथ संरेखित है, साथ ही यह सुनिश्चित करता है कि वित्तीय बुनियादी ढांचा साइबर हमलों के खिलाफ लचीला बना रहे।
मुद्रास्फीति के रुझान के बीच आरबीआई ने रेपो दर स्थिर रखी
2026-05-29पृष्ठभूमि: आरबीआई की मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) आर्थिक विकास और मुद्रास्फीति को संतुलित करने के लिए समय-समय पर रेपो दर की समीक्षा करती है। वर्तमान संदर्भ: मई 2026 के अंत में, आरबीआई ने खाद्य और ईंधन क्षेत्रों में लगातार मुद्रास्फीति के दबाव का हवाला देते हुए रेपो दर को वर्तमान स्तर पर बनाए रखने का निर्णय लिया। प्रभाव: इस निर्णय का उद्देश्य मुद्रास्फीति की उम्मीदों को स्थिर करना और अर्थव्यवस्था में ऋण वृद्धि का समर्थन करना है। दरों को अपरिवर्तित रखकर, केंद्रीय बैंक बैंकिंग क्षेत्र को स्थिरता प्रदान करता है, जिससे वाणिज्यिक बैंक उधारकर्ताओं के लिए ब्याज दरें स्थिर रख सकते हैं।