आरबीआई ने मई 2026 की मौद्रिक नीति समीक्षा में रेपो दर अपरिवर्तित रखी
2026-05-01पृष्ठभूमि: भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) आर्थिक स्थितियों की समीक्षा करने और रेपो दर जैसी प्रमुख नीतिगत दरों पर निर्णय लेने के लिए द्विमासिक मौद्रिक नीति समिति (MPC) की बैठकें आयोजित करता है। यह मुद्रास्फीति को नियंत्रित करने और आर्थिक विकास का समर्थन करने के लिए महत्वपूर्ण है। वर्तमान संदर्भ: मई 2026 के लिए अपनी नवीनतम द्विमासिक समीक्षा में, RBI MPC ने वैश्विक अनिश्चितताओं और घरेलू मुद्रास्फीति को लक्ष्य सीमा के भीतर समेकित करने की आवश्यकता का हवाला देते हुए रेपो दर को 6.50% पर बनाए रखने का निर्णय लिया। नीतिगत रुख 'समायोजन की वापसी' बना रहा। प्रभाव: इस निर्णय का उद्देश्य मूल्य स्थिरता सुनिश्चित करना और व्यवसायों तथा उपभोक्ताओं के लिए एक अनुमानित ब्याज दर वातावरण प्रदान करना है। यह वाणिज्यिक बैंकों में उधार और जमा दरों को प्रभावित करता है, जिससे अर्थव्यवस्था में ऋण वृद्धि और निवेश निर्णयों पर असर पड़ता है।
आरबीआई द्वारा डिजिटल रुपया (e₹) खुदरा पायलट कार्यक्रम का विस्तार
2026-05-01पृष्ठभूमि: भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने केंद्रीय बैंक डिजिटल मुद्रा (CBDC), जिसे डिजिटल रुपया (e₹) के नाम से जाना जाता है, के थोक और खुदरा दोनों खंडों के लिए पायलट कार्यक्रम शुरू किए थे, ताकि इसके संभावित लाभों और परिचालन पहलुओं का पता लगाया जा सके। वर्तमान संदर्भ: प्रारंभिक चरणों की सफलता के आधार पर, RBI ने मई 2026 की शुरुआत में e₹ खुदरा पायलट कार्यक्रम का विस्तार करते हुए इसमें पांच अतिरिक्त प्रमुख शहरों और तीन और सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों को शामिल करने की घोषणा की। इस कदम का उद्देश्य उपयोगकर्ता भागीदारी बढ़ाना और नई ऑफ़लाइन लेनदेन क्षमताओं का परीक्षण करना है। प्रभाव: इस विस्तार से डिजिटल भुगतान को अपनाने में तेजी आने, वंचित आबादी तक पहुँचकर वित्तीय समावेशन को बढ़ावा मिलने और एक सुरक्षित, संप्रभु-समर्थित डिजिटल भुगतान विकल्प प्रदान होने की उम्मीद है, जिससे भौतिक नकदी और निजी डिजिटल वॉलेट पर निर्भरता कम हो सकती है।