आरबीआई ने डिजिटल रुपया रिटेल फेज 3 के राष्ट्रव्यापी रोलआउट की घोषणा की
2026-04-30पृष्ठभूमि: भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने भुगतान पारिस्थितिकी तंत्र को आधुनिक बनाने और भौतिक नकदी पर निर्भरता कम करने के लिए 2022 के अंत में सेंट्रल बैंक डिजिटल करेंसी (CBDC) पायलट प्रोजेक्ट शुरू किया था। वर्तमान संदर्भ: 30 अप्रैल, 2026 को, RBI ने आधिकारिक तौर पर 'ई-रुपया रिटेल फेज 3' लॉन्च किया, जिसमें लक्षित सरकारी सब्सिडी के लिए ऑफलाइन लेनदेन क्षमताओं और प्रोग्रामेबल टोकन जैसी उन्नत सुविधाएं पेश की गई हैं। यह चरण एक सीमित पायलट प्रोजेक्ट से सभी नागरिकों के लिए उपलब्ध पूर्ण राष्ट्रीय वित्तीय साधन में संक्रमण का प्रतीक है। प्रभाव: इस कदम से भौतिक मुद्रा प्रबंधन की परिचालन लागत में काफी कमी आने और सीमित इंटरनेट कनेक्टिविटी वाले दूरस्थ क्षेत्रों में वित्तीय समावेशन बढ़ने की उम्मीद है, साथ ही यह निजी क्रिप्टोकरेंसी का एक सुरक्षित, संप्रभु डिजिटल विकल्प प्रदान करेगा।
यूनिफाइड लेंडिंग इंटरफेस (ULI) ने पूर्ण परिचालन पैमाना हासिल किया
2026-04-30पृष्ठभूमि: भुगतान में UPI की सफलता के बाद, RBI ने MSME और ग्रामीण उधारकर्ताओं को निर्बाध, सहमति-आधारित ऋण वितरण की सुविधा के लिए यूनिफाइड लेंडिंग इंटरफेस (ULI) पेश किया था। वर्तमान संदर्भ: 30 अप्रैल, 2026 तक, RBI ने रिपोर्ट दी कि ULI ने 30 से अधिक अनुसूचित वाणिज्यिक बैंकों और 50 NBFC को सफलतापूर्वक एकीकृत किया है, जिससे औसत ऋण मूल्यांकन समय 15 दिनों से घटकर मात्र 10 मिनट रह गया है। यह प्लेटफॉर्म तत्काल सत्यापन के लिए भूमि रिकॉर्ड, GSTN और क्रेडिट ब्यूरो के डिजिटल डेटा का उपयोग करता है। प्रभाव: यह डिजिटल सार्वजनिक बुनियादी ढांचा (DPI) मानकीकृत API-आधारित आर्किटेक्चर के माध्यम से 'घर्षण रहित ऋण' प्रदान करके वंचित क्षेत्रों के लिए ऋण अंतर को पाटने, उद्यमिता और ग्रामीण आर्थिक विकास को बढ़ावा देने के लिए तैयार है।