Current Affairs & MCQs
Latest Questions, Daily Updates & More

बैंकिंग और वित्त समसामयिकी: 27 अप्रैल 2026 की मुख्य खबरें

RBI ने AI पारदर्शिता के लिए डिजिटल लेंडिंग गाइडलाइंस 2.0 जारी की
2026-04-27
पृष्ठभूमि: भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने फिनटेक की तीव्र वृद्धि को विनियमित करने और उपभोक्ता हितों की रक्षा के लिए अपने ढांचे को लगातार विकसित किया है। वर्तमान संदर्भ: 26 अप्रैल 2026 को, RBI ने 'डिजिटल लेंडिंग गाइडलाइंस 2.0' पेश की, जिसमें AI-आधारित क्रेडिट मूल्यांकन मॉडल और सीमा पार ऋण संचालन के लिए सख्त पारदर्शिता अनिवार्य की गई है। इन नियमों के तहत ऋणदाताओं को स्वचालित ऋण अस्वीकृति के पीछे के तर्क का खुलासा करना और डेटा स्थानीयकरण सुनिश्चित करना आवश्यक है। प्रभाव: इस कदम का उद्देश्य शिकारी ऋण प्रथाओं पर अंकुश लगाना, डेटा गोपनीयता सुनिश्चित करना और उधारकर्ताओं को एल्गोरिथम पूर्वाग्रह से बचाना है, जिससे भारत के डिजिटल वित्तीय पारिस्थितिकी तंत्र की अखंडता और स्थिरता मजबूत होगी।
SEBI ने शीर्ष 500 कंपनियों के लिए अनिवार्य T+0 निपटान लागू किया
2026-04-27
पृष्ठभूमि: भारत व्यापार निपटान चक्र को छोटा करने में वैश्विक स्तर पर अग्रणी रहा है, जो पिछले कुछ वर्षों में T+2 से T+1 की ओर बढ़ गया है। वर्तमान संदर्भ: 27 अप्रैल 2026 को, भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) ने आधिकारिक तौर पर शीर्ष 500 सूचीबद्ध कंपनियों को अनिवार्य T+0 (उसी दिन) निपटान चक्र में स्थानांतरित कर दिया। यह चुनिंदा शेयरों से जुड़े एक सफल वर्ष भर के पायलट चरण के बाद हुआ है। प्रभाव: यह संक्रमण निवेशकों को धन और प्रतिभूतियों तक तत्काल पहुंच प्रदान करके बाजार की तरलता को महत्वपूर्ण रूप से बढ़ाता है। यह काउंटरपार्टी डिफॉल्ट जोखिमों को कम करता है और भारतीय पूंजी बाजार को परिचालन दक्षता और निवेशक संरक्षण के उच्चतम वैश्विक मानकों के साथ जोड़ता है।
नाबार्ड ने ₹15,000 करोड़ का ग्रीन रूरल इंफ्रास्ट्रक्चर फंड लॉन्च किया
2026-04-27
पृष्ठभूमि: नाबार्ड प्राथमिक क्षेत्र में सतत विकास पर ध्यान केंद्रित करते हुए ग्रामीण विकास और कृषि के वित्तपोषण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। वर्तमान संदर्भ: 25 अप्रैल 2026 को, नाबार्ड ने 15,000 करोड़ रुपये का 'ग्रीन रूरल इंफ्रास्ट्रक्चर फंड' (GRIF) लॉन्च किया। यह फंड विशेष रूप से सूखा प्रवण क्षेत्रों में सौर ऊर्जा संचालित कोल्ड स्टोरेज, सूक्ष्म सिंचाई प्रणाली और जैविक खेती समूहों जैसी जलवायु-अनुकूल परियोजनाओं के वित्तपोषण के लिए डिज़ाइन किया गया है। प्रभाव: यह पहल टिकाऊ कृषि पद्धतियों को अपनाने में तेजी लाएगी, फसल कटाई के बाद के नुकसान को कम करेगी और लक्षित वित्तीय हस्तक्षेप के माध्यम से दीर्घकालिक खाद्य सुरक्षा और ग्रामीण आर्थिक स्थिरता सुनिश्चित करते हुए भारत को अपनी जलवायु प्रतिबद्धताओं को प्राप्त करने में मदद करेगी।
Home Exams Jobs Current Affairs Mock Tests