आरबीआई ने डिजिटल ऋण पारदर्शिता मानदंडों को बढ़ाया
2026-04-21पृष्ठभूमि: भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) डिजिटल ऋण ऐप्स पर शोषणकारी प्रथाओं को रोकने के लिए नियमों को सख्त कर रहा है। वर्तमान संदर्भ: अप्रैल 2026 तक, आरबीआई ने अनिवार्य कर दिया है कि सभी डिजिटल ऋण संस्थाओं को ऋण निष्पादन से पहले उधारकर्ताओं को मानकीकृत प्रारूप में 'मुख्य तथ्य विवरण' (KFS) प्रदान करना होगा। इसमें वार्षिक प्रतिशत दर (APR) और वसूली तंत्र का स्पष्ट खुलासा शामिल है। प्रभाव: इस कदम का उद्देश्य सूचना विषमता को कम करना, खुदरा उधारकर्ताओं को छिपे हुए शुल्कों से बचाना और डिजिटल क्रेडिट पारिस्थितिकी तंत्र में विश्वास को बढ़ावा देना है।
शहरी सहकारी बैंकों के लिए पीसीए ढांचे की रणनीतिक समीक्षा
2026-04-21पृष्ठभूमि: त्वरित सुधारात्मक कार्रवाई (PCA) ढांचा आरबीआई द्वारा बैंकों के वित्तीय स्वास्थ्य की निगरानी के लिए उपयोग किया जाने वाला एक पर्यवेक्षी उपकरण है। वर्तमान संदर्भ: अप्रैल 2026 में, वित्त मंत्रालय और आरबीआई ने विशेष रूप से शहरी सहकारी बैंकों (UCBs) के लिए पीसीए ढांचे की रणनीतिक समीक्षा शुरू की। यह समीक्षा पूंजी पर्याप्तता, परिसंपत्ति गुणवत्ता और लीवरेज अनुपात को समायोजित करने पर केंद्रित है। प्रभाव: इस पहल से यूसीबी के शासन को मजबूत करने, प्रणालीगत विफलताओं को रोकने और यह सुनिश्चित करने की उम्मीद है कि छोटे सहकारी बैंक वित्तीय परिदृश्य में तरलता के झटकों के खिलाफ लचीले बने रहें।