आरबीआई ने डिजिटल ऋण पारदर्शिता मानदंडों को बढ़ाया
2026-04-17पृष्ठभूमि: भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) उपभोक्ता सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए डिजिटल ऋण ऐप्स के तेजी से विकास की निगरानी कर रहा है। वर्तमान संदर्भ: अप्रैल 2026 तक, आरबीआई ने अनिवार्य कर दिया है कि सभी डिजिटल ऋण प्लेटफार्मों को ऋण वितरण से पहले उधारकर्ताओं को मानकीकृत प्रारूप में 'की फैक्ट स्टेटमेंट' (KFS) प्रदान करना होगा। इसमें वार्षिक प्रतिशत दर (APR) और वसूली तंत्र का स्पष्ट खुलासा शामिल है। प्रभाव: इस कदम का उद्देश्य शोषणकारी ऋण प्रथाओं पर अंकुश लगाना, छिपे हुए शुल्क को कम करना और उधारकर्ताओं को सूचित वित्तीय निर्णय लेने के लिए सशक्त बनाना है।
सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में एआई के लिए वित्त मंत्रालय का रोडमैप
2026-04-17पृष्ठभूमि: सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक (PSBs) निजी खिलाड़ियों और फिनटेक फर्मों के साथ प्रतिस्पर्धा करने के लिए डिजिटल परिवर्तन से गुजर रहे हैं। वर्तमान संदर्भ: अप्रैल 2026 में, केंद्रीय वित्त मंत्रालय ने सभी PSBs में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को एकीकृत करने के लिए एक व्यापक रोडमैप का अनावरण किया। यह पहल एआई-संचालित चैटबॉट्स के माध्यम से ग्राहक सेवा को स्वचालित करने, धोखाधड़ी का पता लगाने वाली प्रणालियों को बढ़ाने और क्रेडिट जोखिम मूल्यांकन मॉडल को अनुकूलित करने पर केंद्रित है। प्रभाव: इस रणनीतिक एकीकरण से परिचालन लागत में काफी कमी आने, ऋण प्रसंस्करण की गति में सुधार होने और ग्राहकों को बेहतर बैंकिंग अनुभव मिलने की उम्मीद है।