राष्ट्रीय भू-स्थानिक उत्कृष्टता पुरस्कार 2024 प्रदान किए गए
2026-08-14पृष्ठभूमि: भारत सरकार के विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग ने भू-स्थानिक विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान को मान्यता देने के लिए राष्ट्रीय भू-स्थानिक उत्कृष्टता पुरस्कार की स्थापना की। इन पुरस्कारों का उद्देश्य नवाचार को बढ़ावा देना और राष्ट्रीय विकास के लिए भू-स्थानिक प्रौद्योगिकियों को अपनाने को प्रोत्साहित करना है।
वर्तमान संदर्भ: 14 अगस्त 2026 को, विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने राष्ट्रीय भू-स्थानिक उत्कृष्टता पुरस्कार 2024 के प्राप्तकर्ताओं की घोषणा की। ये पुरस्कार उन व्यक्तियों और संगठनों को प्रदान किए गए जिन्होंने रिमोट सेंसिंग, जीआईएस, सर्वेक्षण और स्थानिक डेटा विश्लेषण जैसे क्षेत्रों में महत्वपूर्ण प्रगति की है।
प्रभाव: ये पुरस्कार भू-स्थानिक प्रौद्योगिकियों में आगे अनुसंधान और विकास को प्रोत्साहित करते हैं, जिससे आपदा प्रबंधन, शहरी नियोजन, संसाधन मानचित्रण और अवसंरचना विकास में बेहतर अनुप्रयोग होते हैं, जिससे भारत की आत्मनिर्भरता और आर्थिक विकास में योगदान होता है।
डॉ. अंजलि शर्मा को प्रतिष्ठित भू-स्थानिक नवाचार पुरस्कार 2024 से सम्मानित किया गया
2026-08-14पृष्ठभूमि: भू-स्थानिक नवाचार पुरस्कार राष्ट्रीय भू-स्थानिक उत्कृष्टता पुरस्कारों के तहत एक विशेष मान्यता है, जो उन व्यक्तियों को दिया जाता है जिन्होंने भू-स्थानिक प्रौद्योगिकियों में अपने काम के माध्यम से असाधारण रचनात्मकता और प्रभाव का प्रदर्शन किया है।
वर्तमान संदर्भ: भारतीय सुदूर संवेदन संस्थान की उपग्रह छवि विश्लेषण में एक प्रमुख शोधकर्ता, डॉ. अंजलि शर्मा को 13 अगस्त 2026 को प्रतिष्ठित भू-स्थानिक नवाचार पुरस्कार 2024 से सम्मानित किया गया। वास्तविक समय फसल स्वास्थ्य निगरानी के लिए एआई-संचालित एल्गोरिदम विकसित करने में उनके अग्रणी काम ने कृषि उत्पादकता और संसाधन प्रबंधन को महत्वपूर्ण रूप से बढ़ाया है।
प्रभाव: डॉ. शर्मा का पुरस्कार भू-स्थानिक अनुप्रयोगों में एआई और मशीन लर्निंग के बढ़ते महत्व को रेखांकित करता है। यह उम्मीद की जाती है कि यह अधिक युवा वैज्ञानिकों को इस क्षेत्र में करियर बनाने के लिए प्रेरित करेगा, जिससे भारत की कृषि चुनौतियों और खाद्य सुरक्षा के लिए नवीन समाधान प्राप्त होंगे।