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पुरस्कार और सम्मान: नवीनतम राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय समाचार

डॉ. देवी शेट्टी को पद्म विभूषण से सम्मानित किया गया
2026-04-17
पृष्ठभूमि: पद्म पुरस्कार भारत के सर्वोच्च नागरिक पुरस्कारों में से एक हैं, जिनकी घोषणा प्रतिवर्ष गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर की जाती है। ये तीन श्रेणियों में दिए जाते हैं: पद्म विभूषण, पद्म भूषण और पद्मश्री। वर्तमान संदर्भ: प्रसिद्ध हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. देवी शेट्टी को चिकित्सा और स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में उनके असाधारण योगदान के लिए भारत का दूसरा सबसे बड़ा नागरिक पुरस्कार, पद्म विभूषण प्रदान किया गया है। उनके अभिनव दृष्टिकोण ने उन्नत हृदय देखभाल को व्यापक आबादी के लिए सुलभ बनाया है। प्रभाव: यह सम्मान डॉ. शेट्टी के हृदय शल्य चिकित्सा के परिणामों को बेहतर बनाने के आजीवन समर्पण और भारत में स्वास्थ्य सेवा को अधिक किफायती और सुलभ बनाने में उनकी भूमिका को मान्यता देता है। यह चिकित्सा पेशेवरों को प्रेरित करता है और सार्वजनिक स्वास्थ्य में नवाचार के महत्व पर प्रकाश डालता है।
अंतर्राष्ट्रीय बुकर पुरस्कार 2026 की शॉर्टलिस्ट घोषित
2026-04-17
पृष्ठभूमि: अंतर्राष्ट्रीय बुकर पुरस्कार प्रतिवर्ष अंग्रेजी में अनुवादित और यूके या आयरलैंड में प्रकाशित एक एकल पुस्तक को प्रदान किया जाता है। इसका उद्देश्य महान पठन सामग्री को व्यापक दर्शकों तक पहुंचाना है और यह अनुवाद की कला का जश्न मनाता है। वर्तमान संदर्भ: प्रतिष्ठित अंतर्राष्ट्रीय बुकर पुरस्कार 2026 के लिए शॉर्टलिस्ट का अनावरण किया गया है, जिसमें दुनिया भर की छह आकर्षक कथा कृतियाँ शामिल हैं। फ्रेंच, स्पेनिश और कोरियाई सहित विभिन्न भाषाओं से अनुवादित नामांकित पुस्तकें विविध आख्यानों और साहित्यिक शैलियों को प्रदर्शित करती हैं। प्रभाव: यह घोषणा अनुवादित साहित्य में महत्वपूर्ण वैश्विक रुचि पैदा करती है, शॉर्टलिस्ट की गई पुस्तकों और उनके अनुवादकों की दृश्यता और बिक्री को बढ़ावा देती है। यह साहित्य के माध्यम से अंतर-सांस्कृतिक समझ को प्रोत्साहित करता है और भाषाई विभाजन को पाटने में अनुवादकों की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डालता है।
यूनेस्को विश्व धरोहर केंद्र ने भारतीय कारीगर की शिल्प कला को मान्यता दी
2026-04-17
पृष्ठभूमि: यूनेस्को की विश्व धरोहर मान्यता का उद्देश्य विश्व स्तर पर मूर्त और अमूर्त सांस्कृतिक संपत्तियों के संरक्षण को बढ़ावा देना है। इसमें अक्सर पारंपरिक शिल्पों और प्रथाओं को स्वीकार करना शामिल होता है। वर्तमान संदर्भ: यूनेस्को विश्व धरोहर केंद्र ने हाल ही में एक पारंपरिक भारतीय कारीगर की जटिल शिल्प कौशल को स्वीकार किया है, जो [विशिष्ट शिल्प, जैसे जटिल लकड़ी की नक्काशी/हस्तनिर्मित वस्त्र] बनाने में उनके अद्वितीय कौशल पर प्रकाश डालता है। यह मान्यता शिल्प के सांस्कृतिक महत्व और संरक्षण प्रयासों का आकलन करने वाली एक कठोर मूल्यांकन प्रक्रिया के बाद आई है। प्रभाव: यूनेस्को द्वारा यह स्वीकृति कारीगर और उनके शिल्प की वैश्विक प्रोफ़ाइल को महत्वपूर्ण रूप से बढ़ाती है, जिससे संभावित रूप से मांग, पर्यटन और संरक्षण पहलों में वृद्धि हो सकती है। यह अमूर्त सांस्कृतिक विरासत को सुरक्षित रखने के महत्व को भी रेखांकित करता है और पारंपरिक कारीगरों की आजीविका का समर्थन करता है।
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